प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना (पीएमआरपीआइ) से करीब डेढ़ करोड़ श्रमिकों को फायदा हुआ है। यह योजना नियोक्ताओं को रोजगार सृजित करने के लिए प्रोत्साहित करती है। श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार इस योजना पर अब तक 3,648 करोड़ रुपए खर्च कर चुकी है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना नियोक्ताओं को नए रोजगार सृजित करने के लिए प्रेरित करने के लिए शुरू की गई है। इस योजना में सरकार कर्मचारी भविष्य निधि संगठन द्वारा संचालित सामाजिक सुरक्षा स्कीमों में नियोक्ताओं के अंशदान का भुगतान करती है। गंगवार ने अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आइएलओ) के शताब्दी समारोह में कहा, ‘रोजगार प्रोत्साहन योजना से करीब डेढ़ करोड़ कर्मचारियों को लाभ हुआ है और हमने अब तक इस पर लगभग 3,648 करोड़ रुपए खर्च किए हैं।’

उन्होंने कहा कि सरकार अंतरिम बजट में रिक्शा चालकों, छोटे दुकानदार, कृषि एवं ग्रामीण श्रमिकों जैसे असंगठित क्षेत्र में काम करने वालों के लिए मेगा पेंशन योजना लाई है। करीब तीन करोड़ असंगठित क्षेत्र के कामगारों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से लाभ हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि नई प्रौद्योगिकी, आटोमेशन और कृत्रिम मेधा के मौजूदा परिदृश्य में नौकरियों के नुकसान की आशंका महसूस की गई है और भविष्य के कामों के लिए गठित वैश्विक आयोग ने सभी पहलुओं का अध्ययन कर उपयोगी सिफारिश की है।