Manipur Free Traffic Movement: मणिपुर में कुकी और मैतेई बहुल इलाकों में करीब 2 साल बाद फ्री ट्रैफिक मूवमेंट शुरू होते ही हिंसा भड़क उठी। कुकी समुदाय के लोग फ्री मूवमेंट का विरोध कर रहे थे और उन्होंने मैतई समुदाय के लोगों को लेकर जा रहे बीएसएफ के काफिले को रोक दिया। वहां पर तैनात सुरक्षाबलों और पुलिसवालों ने स्थिति पर काबू पाने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। इस दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई है और 27 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
प्रदर्शनकारियों ने एनएच-2 को भी जाम कर दिया, टायर जलाए और सरकारी वाहनों को रोकने के लिए बड़ी संख्या में इकट्ठा हुए। शाम तक झड़पें जारी रहने के कारण सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर रहे। इसके बाद स्थानीय अधिकारियों ने फर्फ्यू लगा दिया है। मृतक की पहचान लालगौथांग सिंगसिट के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि सिंगसिट को कीथेलमानबी में हुई झड़पों के दौरान गोली लगी और अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि गमगीफाई, मोटबंग और कीथेलमानबी में सुरक्षा बलों के साथ झड़पों के दौरान कम से कम 27 प्रदर्शनकारियों को चोटें आईं। इन्हें इलाज के लिए पास के हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है।
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अमित शाह ने फ्री मूवमेंट का दिया था निर्देश
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने एक मार्च को मणिपुर के हालात पर गृह मंत्रालय में समीक्षा बैठक की थी। गृहमंत्री ने मणिपुर में सभी सड़कों पर फ्री मूवमेंट सुनिश्चित करने के लिए कहा था। इतना ही नहीं अमित शाह ने सड़कों को जाम करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने के भी निर्देश दिए थे। इससे पहले मणिपुर के मुख्य सचिव ने कहा था कि राज्य परिवहन की बसें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के संरक्षण में चलेंगी ताकि लोगों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना ना करना पड़े।
प्रतिबंधित संगठनों के सात सदस्य अरेस्ट
इसके अलावा अधिकारियों की तरफ से जानकारी दी गई कि अभी तक लगभग 114 हथियार बरामद किए गए हैं और राज्य में हालात सामान्य करने की कोशिशों के तहत प्रतिबंधित संगठनों के सात सदस्यों को अरेस्ट किया गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रतिबंधित कांगलीपाक कम्युनिस्ट पार्टी के दो कार्यकर्ताओं को शुक्रवार को इंफाल पश्चिम जिले के लाम्फेल से गिरफ्तार किया गया, जबकि इसी संगठन के एक अन्य सदस्य को बीर टिकेंद्रजीत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के गेट के पास से पकड़ा गया। लाम्फेल में गिरफ्तार किए गए लोगों से 50,000 रुपये की राशि भी बरामद की गई। मणिपुर में राष्ट्रपति शासन के बाद अमित शाह की पहली बैठक
