Jaipur State Cancer Institute: इससे बड़ी लापरवाही और कुछ नहीं हो सकती कि सरकारी अस्पताल में कैंसर के किसी मरीज की चूहे के काटने की वजह से मौत हो जाए। ऐसी घटना जयपुर में स्थित स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट में हुई। यहां कैंसर से पीड़ित 10 साल के बच्चे को 11 दिसंबर को भर्ती कराया गया था। हालांकि स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट ने इससे इनकार किया है। इस मामले के तूल पकड़ने के बाद राजस्थान सरकार ने जांच के लिए एक समिति का गठन किया है।
मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, अस्पताल में भर्ती होने के कुछ समय बाद ही बच्चा एक दिन रो रहा था। जब परिवार के लोगों ने बच्चे के शरीर से कंबल हटाया तो उन्होंने देखा कि चूहे के काटने की वजह से बच्चे के पैर के अंगूठे से खून बह रहा था।
परिवार वालों ने नर्सिंग स्टाफ को इसके बारे में बताया और उन्होंने बच्चे के पैर पर पट्टी बांधी।
हाई इन्फेक्शन के कारण हुई मौत
स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट का कहना है कि बच्चे की मौत चूहे के काटने से नहीं बल्कि “सेप्टीसीमिया शॉक और हाई इन्फेक्शन” के कारण हुई है। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संदीप जसूजा ने बताया, “बच्चे को बुखार और निमोनिया भी था। हाई इन्फेक्शन सेप्टीसीमिया शॉक के कारण शुक्रवार को बच्चे की मौत हो गई।”
जसूजा ने बताया कि चूहे के काटने के बारे में पता चलते ही बच्चे का इलाज शुरू कर दिया गया था। उन्होंने बताया कि अस्पताल परिसर में साफ-सफाई रखने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकारी अफसरों ने बताया कि चिकित्सा शिक्षा सचिव अम्बरीश कुमार ने स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट से संबंधित सवाई मान सिंह (एसएमएस) मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से रिपोर्ट मांगी है।
फाल्स सीलिंग में चूहे होने की शिकायत
स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट में मरीजों के तीमारदारों ने वार्ड की फाल्स सीलिंग में चूहों के होने की शिकायत की है। टीओआई के मुताबिक, कैंसर से पीड़ित बच्चे की मौत के बाद यहां भर्ती मरीजों और तीमारदारों ने फाल्स सीलिंग में चूहों के इधर-उधर भागने की शिकायत की है। कई मरीजों ने बताया कि यहां चूहों की आवाज सुनी जा सकती है और चूहे देखे जा सकते हैं।
अस्पताल के परिसर में एक बगीचा भी है। बगीचे में चूहों के बिल साफ दिखाई देते हैं। मरीजों के तीमारदार यहां खाना खाते हैं और उनका बचा-खुचा खाना खाने के लिए चूहे आते हैं। इस अस्पताल में राज्य भर से सैकड़ों मरीज आते हैं।
