मिड-डे के पत्रकार ज्योर्तिमय डे (जेडे) हत्याकांड में सीबीआई की ओर से बड़ा खुलासा किया गया है। सीबीआई ने शुक्रवार को दाखिल चार्जशीट में कहा कि 5 साल पहले छोटा राजन ने अंडरवर्ल्ड पर किताब लिखने के कारण जेडे की हत्या का आदेश दिया था। राजन को सीबीआई ने 12वां आरोपी बनाया है। चार्जशीट में दावा किया गया है कि 11 जून 2011 को मिड-डे के लिए काम करने वाले पत्रकार जेडे को पोवाई में उनके घर के बाहर चार मोटरसाइकिल सवार लोगों ने मौत के घाट उतार दिया था। चार्जशीट में कहा गया कि जिस समय हत्या हुई जेडे मुंबई अंडरवर्ल्ड पर दो किताबें लिख रहे थे।
सीबीआई में मुंबई की मकोका कोर्ट में दाखिल 300 पेज की चार्जशीट में कहा कि जेडे की एक किताब छोटा राजन समेत 20 गैंगस्टर्स पर आधारित थी, जिसका टाइटल चिंदी- रंक से राजा (Chindi-Rags to Riches) था और दूसरी किताब दाऊद इब्राहिम पर थी, जिसमें बताया गया था कि कैसे एक छोटा-सा स्मगलर बिना एक भी गोली चलाए इंटरनेशनल डॉन बन जाता है। जांचकर्ताओं का मानना है कि छोटा राजन को संदेह था कि उसके प्रतिद्वंदी को अच्छी तरह से चित्रित किया जा रहा है, जिसको लेकर राजन नाराज था। सीबीआई के मुताबिक राजन के खिलाफ लिखे गए डे के कुछ आर्टिकल्स पर भी उसे आपत्ति थी।
चार्जशीट में बताया गया है कि 20 गैंगस्टर्स पर लिखी जा रही किताब में जेडे ने अपने सोर्सेस से शामिल मटेरियल में कछ ऐसी बातें बताई थी, जिससे छोटा राजन का देशभक्त होने का झूठा मुखौटा उतर जाता। इसी से वह खुद को सुरक्षित रखता था और अपने परिवार के लिए धन जमा करता था। बुक में गया था कि राजन को उन लोगों की कोई चिंता नहीं थी जिन्होंने राजन को एक बड़ा नाम बनने में अपनी जान दे दी।
जानकारी के मुताबिक किताब में चिंदी शब्द का प्रयोग किया गया था, जो सामान्य तौर पर गाली और अपमान की नजर से देखा जाता है, जो राजन और उसके गैंग को नहीं पसंद था। जेडे की ओर से लिखी जा रही किताब और आर्टिकल्स के अलावा एक और आर्टिकल था जिसमें राजन का ‘बुढ़ापा’ यानी राजन की बढ़ती हुई उम्र को दिखाया गया था। इन सबके बाद राजन ने जेडे की हत्या करने का निर्णय लिया। सीबीआई ने कहा कि उन्होंने गिरफ्तार पत्रकार जिग्ना वोरा और राजन के बीच बातचीत का ब्योरा भी आरोप-पत्र में शामिल किया है। एजेंसी ने कहा कि राजन का रिकॉर्डेड आवाज नमूना छोटा राजन और जिग्ना के बीच हुई बातचीत से मेल खाता है।
