प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 500 और 1000 के नोट बंद किए जाने की घोषणा के बाद राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने कहा कि जो लोग ढाई लाख रुपये से अधिक राशि के पुराने नोट बैंकों-डाकघरों में जमा करेंगे उनके द्वारा जमा की गई राशि का मिलान उनके आय से किया जाएगा और गड़बड़ी पाए जाने पर उनसे टैक्स के साथ ही 200 प्रतिशत जुर्माना वसूला जाएगा। लेकिन आयकर अधिकारियों को इस बारे में अभी तक ज्यादा जानकारी नहीं दी गई है कि ये जुर्माना कैसे लगाया जाएगा। पीएम मोदी की घोषणा के बाद बहुत सारे लोगों ने अपने पुराने भुगतान तुरंत अपने बैंक में पैसे जमा करके पुराने लोन चुकाए, क्लबों, स्पा और जिम इत्यादि की सदस्यता ली। इस तरह के सभी भुगतान के मामलों में उसी दिन ये लेनदेन हुए जिस दिन पीएम मोदी ने घोषणा की। कई शहरों के इनकम टैक्स अधिकारियों और टैक्स विशेषज्ञों ने इकोनॉमिक्स टाइम्स को बताया कि ऐसा कोई कानून नहीं है कि ज्यादा नगद राशि बैंक में जमा करने वालों पर तुरंत कोई जुर्माना लगाया जा सके। हालांकि सरकार का कहना है कि वो आयकर रिटर्न भरने से पहले ही ऐसे लोगों पर कार्रवाई कर सकती है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने इकोनॉमिक्स टाइम्स अखबार से कहा, “जुर्माना अघोषित आय पर लगता है लेकिन कोई अपने बैंक में एक करोड़ रुपये जमा करता है और 33 प्रतिशत टैक्स देता और उस पैसे को साल 2017-18 की आयकर रिटर्न में घोषित करता है तो हम क्या करेंगे? भले ही कोई बड़े नोट बंद करने के कारण ऐसा करे लेकिन कानूनी तौर पर ये आय की स्वैच्छिक घोषणा के तहत आएगा और इसे “अन्य स्रोतों से आय” के तहत दिखाया जा सकता है।” अधिकारी के अनुसार वरिष्ठ अधिकारियों ने पिछली कुछ दिनों में हुई बैठकों में इस मुद्दे पर चर्चा की है और ये पाया गया है कि ऐसे लोगों पर जुर्माना लगाने के लिए आयकर कानून में पिछली तारीख से बदलाव करना होगा। नरेंद्र मोदी सरकार को लोक सभा में बहुमत प्राप्त है लेकिन राज्य सभा में उसके पास बहुमत नहीं है। ऐसे में जब सभी विपक्षी पार्टियां नोटबंद के खिलाफ एकजुट होती दिख रही हैं तो सरकार के लिए ऐसा कोई कानून बनाना टेढ़ी खीर साबित होगा।
वहीं सरकार ने पुराने नोट बदलने के लिए 30 दिसंबर तक की समय सीमा निर्धारित की है लेकिन सरकार नहीं चाहती कि इस छूट अवधि का इस्तेमाल कर लोग अपने काले धन को वैध बना लें। इसी तरह सरकार जन धन खातों में भारी राशि जमा किए जाने पर भी निगाह रखे हुए है। वह किसी भी अघोषित भारी नकदी जमा पर 200 प्रतिशत तक का जुर्माना लगाएगी। उल्लेखनीय है कि सरकार की नोटबंदी की घोषणा के बाद लाखों जनधन खातों में भारी निवेश देखने को मिल रहा है जिन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभ को लेने के लिए खोला गया था। अधिकारी ने कहा, ‘कर विभाग जन धन खातों में जमा राशि में उछाल के बारे में आंकड़े ले रहा है। वह आंकड़ों का विश्लेषण करेगा और किसी भी तरह की अघोषित ऊंची जमाओं के मामलों में कर व 200 प्रतिशत तक का जुर्माना लगाया जाएगा।’
मनी लांड्रिंग निरोधक कानून की धारा 12 के तहत कर विभाग रिजर्व बैंक सहित सभी बैंकों से सूचना मांग सकता है। अधिकारी ने कहा कि नोटों की अदला बदली के लिए उपलब्ध कराए गए 50 दिन के समय का दुरुपयोग न हो यह सुनिश्चित करने के लिए सरकार सालाना आईटीआर भरने से पहले ही कर व जुर्माना लगा सकता है। हालांकि वित्त मंत्री अरुण जेटली ने स्पष्ट कहा है कि कृषि आय अभी भी पहले की तरह कर मुक्त है। वहीं छोटे व्यापारी, घरेलू महिलाएं और कामगार अपने पैसे बगैर किसी डर के अपने खातों में जमा करा सकते हैं।
वीडियो: पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कालाधन जमा करने वालों के पास कोई विकल्प नहीं बचा है-
