भारतीय किसान यूनियन कार्यकर्ताओं ने गन्ना मल्य भुगतान, जमीन अधिग्रहण समेत अन्य समस्याओं को लेकर तहसील दिवस पर समस्या सुनने पहुंचे अधिकारियों का घेराव किया और धरने पर बैठ गए। अपर जिलाधिकारी वित्त ज्ञानेंद्र सिंह ने किसानों को दिया, तब जाकर किसानों ने अपना धरना समाप्त किया।
तहसील दिवस पर अपर जिलाधिकारी (वित्त) सिंह जनता की समस्याएं सुनने पहुंचे। तभी भाकियू के मेरठ मंडल अध्यक्ष राजवीर सिंह व प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य हरेंद्र नेहरा के नेतृत्व में किसान नारेबाजी करते हुए तहसील के सभागार के गेट पर धरने पर बैठ गए। किसानों ने गन्ना मल्य भुगतान, जमीन अधिग्रहण समेत अन्य समस्याओं को रखते हुए कहा कि जब तक बातचीत के लिए जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नहीं आते तब तक किसी अधिकारी को सभागार से बाहर नहीं जाने दिया जाएगा।
तहसील दिवस समाप्त होने से पहले ही मोदीनगर तहसीलदार केके सिंह और थाना प्रभारी दीपक शर्मा ने किसानों से बात की। किसानों ने उन्हें ज्ञापन सौंप कर कहा कि मोदी चीनी मिल पर किसानों के गन्ना मल्य का बकाया 170 करोड़ रुपए का भुगतान जल्द कराया जाए और मिल के प्रबंध निदेशक को गिरफ्तार किया जाए। इसके साथ ही किसानों ने फजलगढ़ में गंदे नाले के टूटे पुल के स्थान पर स्थायी पुल बनाने, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे का मुआवजा वर्तमान सर्किल रेट के आधार पर निश्चित करने, बिजली आपूर्ति लगातार देने, हापुड़ मार्ग पर ढलान बनाने आदि की मांग रखी।
तहसीलदार से वार्ता में किसानों की बात नहीं बनी तो अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ज्ञानेंद सिंह ने भाकियू नेताओं से बात की और उन्होंने भरोसा दिया कि स्थानीय स्तर की समस्या का समाधान स्थानीय स्तर से हो जाएगा। इसके बाद ही अधिकारियों को बाहर जाने दिया गया। इस मौके पर श्यामवीर सिंह, रामअवतार त्यागी, मिंटू नेहरा, अमन सिंह, चंद्रवीर, संजीव त्यागी समेत सैकड़ों किसान उपस्थित थे।
 राष्टÑीय लोकदल कार्यकर्ताओं ने भी तहसील दिवस पर गन्ना मल्य भुगतान सहित अन्य मुद्दों को लेकर हंगामा किया। उन्होंने मोदी शुगर मिल के अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांग भी की। रालोद नेता सत्येंद्र तोमर, देवेंद्र चौधरी व बिट्टू खंजरपुर के नेतृत्व में पहुंचे रालोद कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन सौंपकर कहा कि हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी मोदी शुगर मिल किसानों को बकाया गन्ना मल्य का भुगतान नहीं कर रही है। इस पर सीओ जगतराम जोशी ने कहा कि मिल के प्रबंध निदेशक के घर पर नोटिस चस्पा करने और कुर्की की कार्रवाई शुरू की जाएगी।