भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पर एक समझौते को तैयार कर लिया है , जिस पर मंगलवार को हस्ताक्षर किए जाएंगे। यह हस्ताक्षर यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के एक दिन बाद होगा। वॉन डेर लेयेन शनिवार को नई दिल्ली पहुंचीं जबकि कोस्टा रविवार को पहुंचे। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रविवार शाम उनसे मुलाकात की।

विदेश मंत्री ने X पर एक पोस्ट में कहा, “77वें गणतंत्र दिवस समारोह में उन्हें मुख्य अतिथि के रूप में पाकर हम बहुत सम्मानित महसूस कर रहे हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी आगामी चर्चा भारत-यूरोपीय संघ संबंधों में एक नया अध्याय शुरू करेगी। यूरोपीय संघ के नेता, प्रधानमंत्री मोदी के साथ, मंगलवार को 16वें भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता करेंगे।

सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा और रक्षा साझेदारी समझौते पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और यूरोपीय संघ की विदेश मामलों एवं सुरक्षा नीति की उच्च प्रतिनिधि और यूरोपीय आयोग की उपाध्यक्ष के बीच हस्ताक्षर किए जाएंगे। यह साझेदारी समुद्री सुरक्षा, साइबर मुद्दों, हाइब्रिड खतरों, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की मजबूती और सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी उपायों, संगठित अपराध और संयुक्त राष्ट्र जैसे बहुपक्षीय मंचों में सहयोग- शांति स्थापना अभियानों, अंतरिक्ष सुरक्षा और रक्षा के क्षेत्रों को कवर करेगी। इस समझौते का उद्देश्य संयुक्त पहलों और रक्षा सहयोग को बढ़ावा देना है जिसमें भारत संभावित रूप से यूरोपीय संघ की रक्षा पहलों में भाग ले सकता है।

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भारत, EU के साथ सुरक्षा एवं रक्षा साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर करने वाला एशिया का तीसरा देश होगा

भारत, यूरोपीय संघ के साथ सुरक्षा एवं रक्षा साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर करने वाला एशिया का तीसरा देश होगा। इससे पहले जापान और दक्षिण कोरिया इस समझौते पर हस्ताक्षर कर चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक, भारत और यूरोपीय संघ सूचना सुरक्षा समझौते पर बातचीत शुरू करेंगे, जिससे गोपनीय सूचनाओं का आदान-प्रदान संभव होगा।

भारत और यूरोपीय संघ सुरक्षा और रक्षा पर अपना सहयोग ऐसे समय में बढ़ा रहे हैं जब ट्रंप 2.0 प्रशासन की नवीनतम सुरक्षा और रक्षा रणनीति के बाद हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति अमेरिकी प्रतिबद्धता नरम पड़ती दिख रही है। यह ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका ने राष्ट्रीय रक्षा रणनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति के मुद्दे पर चीन के प्रति अपना रुख नरम कर लिया है।

यूरोपीय संघ के आयुक्तों की भारत यात्रा के बाद बनी थी समझौते पर सहमति

अधिकारियों के अनुसार, फरवरी 2025 में यूरोपीय संघ के आयुक्तों की भारत यात्रा के बाद नेताओं के बयान में सुरक्षा और रक्षा साझेदारी की संभावनाओं पर सहमति व्यक्त की गई थी। इस यात्रा के दौरान, यूरोपीय संघ के रक्षा और अंतरिक्ष आयुक्त ने भारतीय मंत्रियों और अधिकारियों के साथ चर्चा की थी। दिसंबर 2025 में, सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स के एक प्रतिनिधिमंडल ने ब्रुसेल्स का दौरा किया और रक्षा और अंतरिक्ष के लिए यूरोपीय संघ के आयुक्त से मुलाकात की।

इससे पहले, सितंबर 2025 में, यूरोपीय संघ की राजनीतिक और सुरक्षा समिति के एक प्रतिनिधिमंडल जिसमें सभी 27 यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के प्रतिनिधित्व थे, ने भारत का दौरा किया और उप राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारी पवन कपूर के साथ विदेश सचिव विक्रम मिसरी से मुलाकात की। भारत और यूरोपीय संघ के संयुक्त नौसैनिक अभ्यास जून 2025 में हिंद महासागर में, अक्टूबर 2023 में गिनी की खाड़ी में और जून 2021 में अदन की खाड़ी में आयोजित किए गए थे। उन्होंने 2018 और 2019 में सोमालिया के तट के पास मानवीय सहायता के लिए एस्कॉर्ट अभियानों में भी सहयोग किया था।

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