लद्दाख में भारत-चीन सीमा पर सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प में भारतीय सेना के अफसर समेत तीन जवानों के शहीद होने की बात कही जा रही है। अब एक पत्रकार ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि ‘जितना बताया जा रहा है भारतीय सेना को उससे ज्यादा नुकसान हुआ है। इसके साथ ही कई भारतीय सैनिकों को चीनी सेना ने बंधक बना लिया था और बाद में छोड़ दिया।’ पत्रकार अजय शुक्ला ने ट्वीट कर यह जानकारी दी है।

ट्वीट के अनुसार, भारतीय सेना के एक मेजर अभी भी चीन की गिरफ्त में हैं। हालांकि तनाव को कम करने के लिए दोनों सेनाओं के बीच बातचीत जारी है। पत्रकार के इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने उन्हें आड़े हाथों ले लिया है। लोग पत्रकार की आलोचना कर रहे हैं।

एक यूजर ने लिखा कि ‘जैसी कि उम्मीद है कि आप ये नहीं बताएंगे कि चीन को भी नुकसान हुआ है।’ वहीं एक यूजर ने लिखा है कि ऐसा लगता है कि आप हॉटलाइन पर सीधे शी जिनपिंग से बात कर रहे हैं और वही आपको अपडेट दे रहे हैं।

बता दें कि ऐसी खबरें आ रही हैं कि हिंसक झड़प में चीनी सेना के भी पांच जवानों की मौत हुई है। चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने यह जानकारी दी है। वहीं चीनी विदेश मंत्रालय ने भी एक बयान जारी कर भारतीय सैनिकों पर बॉर्डर क्रॉस करने का आरोप लगाया है।

वहीं पूर्व पीएम एचडी देवगौड़ा ने केन्द्र सरकार पर निशाना साधा है। देवगौड़ा ने कहा है कि तनाव घटाने की कोशिशों के बीच हमारे सैनिकों क्यों शहीद हो रहे हैं? प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री को देश के सामने लद्दाख सीमा पर चीन के साथ जारी तनाव पर तस्वीर साफ करनी चाहिए।

बता दें कि भारत और चीन के बीच बीते महीने की शुरुआत से लद्दाख सीमा पर तनाव चल रहा है। दोनों तरफ सेना की तैनाती बढ़ रही है। हालांकि बातचीत से स्थिति को नियंत्रित करने और यथास्थिति बहाल करने की कोशिशें चल रही हैं। बातचीत के बाद कई जगह पर दोनों सेनाएं पीछे भी हटी हैं लेकिन लद्दाख की गलवान घाटी में स्थिति अभी भी तनावपूर्ण है। अब हिंसक झड़प की घटना से हालात और गंभीर हो गए हैं।