रूड़की आइआइटी से निकाले गए 72 छात्रों का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। कांग्रेस का छात्र संगठन एनएसयूआइ और भाजपा का छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इन छात्रों के समर्थन में खुल कर सामने आ गए हैं।
रूड़की आइआइटी में सीनेट ने 73 छात्रों को मानक के अनुसार पांच सीजीपीए से कम अंक लाने पर आइआइटी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था। जिस पर गुस्साए छात्रों ने छात्र संगठनों के साथ मिल कर अपना गुस्सा जाहिर किया।
आइआइटी से निकाले गए छात्र और छात्र संगठनों ने एकजुट होकर संस्थान निदेशक का पुतला फूंका और सुरक्षाकर्मियों के घेरे को तोड़ते हुए भीतर घुस गए। जैसे ही वह करीब एक किलोमीटर दूर मुख्य भवन के पास पहुंचे, पुलिसकर्मियों और कार्यकर्ताओं ने उन्हें रोकने की कोशिश की जिस पर सुरक्षाकर्मियों और कार्यकर्ताओं के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई।
इसके बाद छात्र धरने पर बैठ गए। कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआइ छात्रों के समर्थन में भूख हड़ताल शुरू कर दी। जब संस्थान के रजिस्ट्रार प्रशांत गर्ग धरने पर बैठे कार्यकर्ताओं से बात करने आए और उन्होंने धरना समाप्त करने की अपील की।
साथ ही उन्होंने बताया कि मामला अब हाईकोर्ट पहुंच चुका है। हाई कोर्ट के दिशा निर्देश आने के बाद ही इस मामले का हल निकाला जाएगा। आइआइटी से बाहर निकाले गए छात्रों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दी है।