सूचना और प्रसारण मंत्रालय की अंतर मंत्रालयी समिति ने टीवी चैनल एनडीटीवी इंडिया के खिलाफ कड़ी सिफारिश की है। समिति ने चैनल को 9 नवंबर को एक दिन के लिए ऑफ एयर करने की सिफारिश की है। चैनल पर पठानकोट हमले के दौरान गैर जिम्मेदाराना रवैया अपनाने और सुरक्षा से संबंधित संवेदनशील विवरण दिखाने का आरोप है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मंत्रालय अब इस बारे में चैनल से कार्रवाई करने के बारे में पूछ सकता है। अगर चैनल ऑफ एयर होता है तो आतंकी हमलों के दौरान गैर जिम्मेदारी से कवरेज करने और संवेदनशील मुद्दों को जगजाहिर करने के आरोप में यह पहली बार सरकार ऐसा एक्शन होगा।
जांच के दौरान समिति ने पाया कि चैनल ने पठानकोट हमले के कवरेज के दौरान न केवल गैर जिम्मेदाराना रवैया अपनाया बल्कि संवेदनशील सूचनाओं को आमलोगों के सामने परोसा। इससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पहुंच सकता था और आम लोगों और सुरक्षाकर्मियों की जान को खतरा पहुंच सकता था क्योंकि आतंकी भी लगातार टीवी चैनलों के संपर्क में थे। चैनल ने पठानकोट हमले के दौरान एयरबेस में रखे गोला-बारूद, एमआईजी फाइटर विमान, रॉकेट लॉन्चर, मोर्टार, हेलीकॉप्टर्स उनके फ्यूल टैंक के बारे में जानाकरी साझा की थी। ये सूचनाएं पाकर आतंकी या उनके आका हमारे सुरक्षा ठिकानों को और अदिक नुकसान पहुंचा सकते थे। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक पठानकोट हमले के दौरान चैनल पर दिखाई गई सामग्री तय नियमों का उल्लंघन करती है। इस संबंध में चैनल को पहले ही कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। अपने जबाव में चैनल ने इसे सब्जेक्टिव इन्टरप्रिटेशन कहा था। साथ ही कहा था कि ये जानकारी पब्लिक डोमेन में पहले से ही प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया पर उपलब्ध है।
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मंत्रालयी समिति ने अपनी जांच में पाया है कि चैनल रियल टाइम टेलीकास्टिंग के दौरान आतंकियों की सटीक मौजूदगी और संवेदनशील परिसंपत्तियों से जुड़ी सूचनाएं साझा की थीं। समिति ने इस पर दुख जताते हुए इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ माना। गौरतलब है कि इस साल जनवरी में आतंकियों ने पंजाब के पठानकोट एयरबेस पर हमला कर दिया था। आतंकियों से लगातार पांच दिनों तक मुठभेड़ चलता रहा था।इस ऑपरेशन में 7 जवान शहीद हो गए थे जबकि सेना के जवानों ने जबाबी कार्रवाई में 6 आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया था।

