मोदी सरकार के कार्यकाल में महंगाई सिर चढ़कर बोल रही है। चाहें बात पेट्रोल डीजल की हो या फिर दाल, दूध जैसी खाद्य सामग्री की, बढ़ते दामों ने आम लोगों की कमर तोड़ रखी है। बीते सात सालों की बात की जाए तो पेट्रोल-डीजल, एलपीजी गैस के दाम लगभग दोगुने हो चुके हैं तो सरसों के तेल का दाम तीन गुना तक बढ़ चुका है।
कांग्रेस की सोशल मीडिया के नेशनल कोआर्डिनेटर गौरव पांधी ने ट्विटर पर एक लिस्ट शेयर करते हुए बीजेपी सरकार पर तंज कसा है। इसमें पांधी ने जरूरी चीजों के दामों की 2014 और आज से तुलना की है। उनके मुताबिक पेट्रोल 2014 में 60 रुपये प्रति लीटर था तो डीजल 50। लेकिन आज पेट्रोल के दाम 101 रुपये तक हो गए हैं जबकि डीजल 91 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है। एलपीजी की बात करें तो घरेलू रसोई गैस के सिलेंडर का रेट 2014 में 414 रुपये था जो अब बढ़कर 819 रुपये तक पहुंच चुका है।
Items 2014 2021
Petrol ₹60 ₹101
Diesel ₹50 ₹91
LPG ₹414 ₹819
Dal ₹70 ₹135
Ghee ₹350 ₹550
Sarson Oil ₹52 ₹150
Milk ₹36 ₹56— Gaurav Pandhi (@GauravPandhi) May 30, 2021
पांधी ने खाने पीने की चीजों की भी तुलनात्मक सूची पोस्ट की है। इ,समें दाल का रेट 2014 में 70 रुपये बताया गया है। जो अब 135 तक पहुंच चुका है। देसी घी की बात की जाए तो इसके दाम सात साल पहले 350 रुपये थे जो अब 550 रुपये तक हो चुके हैं। सरसों का तेल 52 से 150 रुपये तक हो गया है। दूध की कीमत 36 रुपये से बढ़कर 56 तक पहुंच चुकी है। हालांकि, पांधी ने सरसों के तेल की मौजूदा कीमत 150 रुपये बताई है लेकिन बाजार भाव 200 का है।
उधर, सोशल मीडिया पर लोगों ने इस पोस्ट के जमकर चटखारे लिए। अश्विन के हैंडल से पोस्ट किया गया- भक्त जन्मजात अंधें हैं। वो इस पोस्ट को नहीं पढ़ पाएंगे। पिंकमैन के हैंडल से लिखा गया, अडानी 2014 में 7 बिलियन की संपत्ति के मालिक थे। 2021 में उनकी संपत्ति 67 बिलियन है। एक यूजर ने पांधी की पोस्ट में गलती को इंगित कर लिखा- सर सरसों का तेल 150 नहीं 200 है तो एक यूजर ने इसका दाम 190 रुपये बताया।
एक यूजर पीएम मोदी को टैग कर लिखा- इतने अच्छे दिन देने के लिए आपका धन्यवाद। आपको गुजरात के इससे पहले के सीएम की बात सुननी चाहिए कि देश कैसे चलाया जाता है। एक अन्य यूजर ने लिखा अच्छे दिन तो आ गए लेकिन आंसुओं के साथ।
