कश्मीर में जारी हिंसा पर बुधवार को राज्यसभा में चर्चा हो रही है। चर्चा के दौरान तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में मारा गया हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर बुरहान वानी जिंदा से ज्यादा मरने के बाद खतरनाक हो गया। उन्होंने कहा कि बुरहान जितना सड़कों पर खतरनाक था, उससे ज्यादा वह इंंटरनेट पर खतरनाक था। बुधवार को कांग्रेस की ओर से कश्मीर मुद्दे पर चर्चा के लिए दिए गए नोटिस को सदन ने मंजूर कर लिया। इसके बाद इस मुद्देे पर चर्चा शुरू हुई। चर्चा की शुरुआत गुलाम नबी आजाद ने की। इसके बाद बाकी नेताओं ने अपनी बात सदन के सामने रखी।
चर्चा के दौरान टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा, ‘मैं पाकिस्तान को सलाह देना चाहता हूूंं कि हमारे आंतरिक मामलों में दखल न दे। पाकिस्तान मगरमच्छ जैसे आंसू बहाना बंद करे। प्लीज ऐसा मत कहेंं कि आपको कश्मीर के लोगोेंं से प्यार है और प्लीज अपने जनरलों, नेताओं और सरकार की ओर से कश्मीर मुद्दे पर दिए जानेे वाले बयान बंद करें।
ब्रायन ने इस विषय पर आगे बोलते हुए सरकार से अनुरोध किया है कि कश्मीर के लोगों और कश्मीर की धरती को अलग न समझा जाए। उन्होंने कहा कि जैसे कश्मीर मोलभाव करने लायक नहीं (non-negotiable) है, उसी तरह कश्मीर का वेलफेयर भी समझौता करने योग्य नहीं है।
बुधवार को दूसरी बार संसद के मानसूत्र सत्र में कश्मीर मुद्देे पर चर्चा शुरू हुई। बता दें कि 8 जुलाई को हिजबुुल कमांडर बुरहान वानी को सुरक्षाबलों ने कार्रवाई मेंं मार गिराया थाष जिसके बाद पूरी घाटी में हिंसा भड़क गई। राज्य के कुछ हिस्सोंं मं कर्फ्यू लगा हुआ है। इस हिंसा में 55 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है और हजारों की संख्या में लोग घायल हुए हैं।
