जम्मू-कश्मीर पुलिस के निलंबित उपाधीक्षक देविंदर सिंह के साथ गिरफ्तार आतंकवादी नवीद बाबू ने अपने सियासी संपर्कों के बारे में राज उगलने शुरू कर दिए हैं। हिज्बुल मुजाहिदीन के स्वयंभू कमांडर नवीद ने पूछताछ में राष्ट्रीय जांच एजंसी (एनआइए) के सामने कबूल किया है कि वह जम्मू-कश्मीर विधानसभा के एक निर्दलीय विधायक के संपर्क में था। एनआइए के अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
सैयद नवीद मुस्ताक अहमद उर्फ नवीद बाबू फिलहाल एनआइए की हिरासत में है। उसे देविंदर सिंह के साथ 11 जनवरी को पकड़ा गया था। नवीद और उसके एक साथी एवं एक वकील को डीएसपी देविंदर सिंह घाटी से बाहर निकालने की कोशिश में था। इन दोनों के अलावा रफी अहमद रादर और इरफान शफी मीर को उसी दिन काजीगुंड में श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग से गिरफ्तार किया गया था। आरोपियों से कई दिनों की पूछताछ के बाद मामले को एनआइए को सौंपा गया।
एनआइए अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ के दौरान नवीद ने प्रतिबंधित हिज्बुल मुजाहिदीन में अपनी भूमिका के बार में कई बातें बताईं, जबकि मीर सीमा के दोनों ओर आतंकवादी समूह के शीर्ष आतंकवादियों के साथ संपर्क में प्रमुख कड़ी के रूप में उभरा। उन्होंने बताया कि नवीद की ओर से दी गई जानकारी के आधार पर सुरक्षाबलों ने कई जगहों पर छापेमारी की और हिज्बुल के लिए भूमिगत रहकर काम करने वाले कुछ लोगों को पकड़ा।
लगातार पूछताछ में नवीद ने भंग विधानसभा के निर्दलीय विधायक सहित अपने संपर्कों की जानकारी देनी शुरू की। उन्होंने बताया कि बाद में 23 जनवरी को नवीद के भाई सैयद इरफान अहमद को भी पंजाब से लाने के बाद गिरफ्तार किया गया।

