देश के लगभग 4 करोड़ घरों तक बिजली पहुंचाने की पीएम मोदी की डेडलाइन अब करीब आ चुकी है। अब तक लगभग तीन करोड़ घरों तक बिजली पहुंचाई जा चुकी है। जबकि, एक करोड़ घर अभी भी बिजली की रौशनी से महरूम हैं। बाकी घरों तक बिजली कनेक्शन मुहैया कराने के लिए जोर-शोर से काम चल रहा है। ऊर्जा मंत्री आरके सिंह के मुताबिक 31 दिसंबर तक बाकी का काम पूरा कर लिया जाएगा।
पिछले महीने ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तकरीबन 4 करोड़ घरों तक बिजली पहुंचाने की समय-सीमा तय कर रखी है। जिसमें से 3 करोड़ घरों तक बिजली पहुंचाई जा चुकी है। जबकि, एक करोड़ बाकी बचे घरों का काम 31 दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के हवाले बताया गया है कि ग्रामीण इलाकों को बिजली कनेक्शन से जोड़ने का काम लगभग आखिरी पड़ाव में हैं। इस दौरान एक ही छत के नीचे रहने वाले कई परिवारों को एक ही बिजली कनेक्शन मुहैया कराया जा रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मोदी सरकार की हर घर तक बिजली मुहैया कराने की यह मुहिम 2019 लोकसभा चुनाव में गेम-चेंजर साबित हो सकती है। इस मुहिम की सफलता बीजेपी के बेहतर प्रदर्शन में अहम भूमिका निभा सकती है। यही वजह है कि केंद्र सरकार घर-घर तक बिजली कनेक्शन पहुंचाने के काम में दिन-रात जुटी हुई है। हालांकि, जानकार यह भी बताते हैं कि 100 फीसदी घरों का विद्युतिकरण बहुत बड़ी उपलब्धि साबित होने जा रही है। लेकिन, इसके बाद सभी घरों तक बिजली की सप्लाई सुनिश्चित करना एक चुनौती होगी।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी साल अप्रैल में सभी गांवों तक बिजली पहुंचाने और देश की जनता को 24 घंटे बिजली मुहैया कराने की बात कही थी। यही वजह है कि इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी ने अपने वार्षिक रिपोर्ट में वैश्विक विद्युतिकरण में भारत को ‘स्टार परफॉर्मर’ का तमगा दिया है। हालांकि, विद्युतिकरण के संदर्भ में माइक्रो लेवल पर कोई ख़ास जानकारी नहीं मिल पा रही है। मसलन, प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर जानकारी दी थी कि विद्युतिकरण के इस मुहिम में आखिरी गांव को बिजली से जोड़ दिया गया है। हालांकि, तमाम डाटा को खंगालने पर उस आखिरी टारगेट वाले गांव के नाम का पता नहीं चल पाया है।
