EC SIR Deadline Extension: चुनाव आयोग ने 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया की डेडलाइन एक हफ्ते बढ़ा दी है। आयोग ने नया शेड्यूल जारी किया है। इसके अनुसार अब एन्यूमरेशन, बूथों के पुनर्गठन से लेकर ड्राफ्ट रोल की पब्लिकेशन और क्लेम-ऑब्जेक्शन की प्रक्रिया सभी संशोधित तारीखों के हिसाब से होगी।

एसआईआर एक्सरसाइज इस समय उत्तर प्रदेश, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रही है। रजिस्टर्ड वोटरों के पास अपने गणना प्रपत्र भरने और उन्हें बूथ लेवल अधिकारियों को सौंपने के लिए अब एक और हफ्ता होगा। जो फिर उन्हें चुनाव आयोग के ECINet पोर्टल पर अपलोड करेंगे। ड्राफ्ट रोल अब 9 दिसंबर की बजाय 16 दिसंबर को पब्लिश किया जाएगा । 11 दिसंबर तक फॉर्म जमा करने वाले सभी लोगों को ड्राफ्ट रोल में शामिल किया जाएगा। फाइनल रोल अब 7 फरवरी की बजाय 14 फरवरी, 2026 को प्रकाशित किया जाएगा।

क्र. सं.गतिविधिनिर्धारित कार्यक्रम
1गणना (एन्यूमरेशन) अवधि11.12.2025 (गुरुवार) तक
2मतदान केंद्रों का पुनर्गठन11.12.2025 (गुरुवार) तक
3कंट्रोल टेबल अपडेट करना और ड्राफ्ट मतदाता सूची की तैयारी12.12.2025 (शुक्रवार) से 15.12.2025 (सोमवार) तक
4ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल का प्रकाशन16.12.2025 (मंगलवार)
5दावों और आपत्तियों दाखिल करने की अवधि16.12.2025 (मंगलवार) से 15.01.2026 (गुरुवार) तक
6नोटिस फेज 16.12.2025 (मंगलवार) से 07.02.2026 (शनिवार) तक
7फाइनल वोटर लिस्ट का प्रकाशन14.02.2026 (शनिवार)

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चुनाव आयोग ने अपने पत्र में क्या लिखा?

रविवार को 12 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को लिखे पत्र में, चुनाव आयोग ने कहा कि नया कार्यक्रम 27 अक्टूबर को दिए गए निर्देशों की जगह पर लागू होगा। चुनाव आयोग ने इस बदलाव का कारण नहीं बताया। शनिवार को चुनाव आयोग ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा था कि 51 करोड़ वोटरों के लिए 99.53% गणना फॉर्म बांटे जा चुके हैं और उनमें से 78.97% का डिजिटलीकरण किया जा चुका है।

कांग्रेस ने चुनाव आयोग के कदम का स्वागत किया

कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने चुनाव आयोग के इस कदम का स्वागत किया है। उन्होंने कहा, “एसआईआर को एक सप्ताह बढ़ाने का मतलब है कि चुनाव आयोग को एहसास है कि यह प्रक्रिया इतनी कम अवधि में पूरी नहीं हो सकती।”

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