ईद उल फित्तर के मौके पर राजधानी के बाजार सजे हुए हैं। ज्यादातर बाजारों में आज से मुस्लिम परिवारों ने खरीददारी शुरू कर दी। चांद दिखने के बाद ईद का ऐलान कर दिया जाएगा। दिल्ली के मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में इन दिनों खासी रौनक दिखाई दे रही है। मुस्लिम परिवार चांद दिखनें का इंतजार कर रहें हैं।

दिल्ली के जामा मस्जिद के गेट नंबर एक से लेकर दिल्ली गेट और औखला के जाकिर नगर,अबुल फजल एंकलेव,और बाटला हाउस व सीलमपुर,जाफराबाद,वेलकम के बाजारों में विशेष रूप से रोशनी का इंतजाम किया गया है। जामा मस्जिद के मीना बाजार और खारी बावली में इन दिनों ड्राई फ्रूट के बाजारों में लोग जमकर खरीददारी कर रहें हैं। ईद पर विशेष रूप से शीरी (मीठा पकवान) बनाई जाती है।

इस पकवान में विशेष रूप से ड्राई फ्रूट डाला जाता है। बाजारों में इन दिनों रेडीमेड कपड़ों, चूड़ियों ,सौंर्दय के सामान की खरीददारी हो रही है। मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में मिठाई की दुकानों पर भी खासी रौनक देखी जा सकती हैं। दुकानदारों ने ईद के मौके पर ज्यादा मात्रा में मिठाईयां बनानी शुरू कर दी हैं। ईद के दिन मुस्लिम परिवार एक दूसरे को और अन्य धर्मों के अपने करीबियों को मिठाईंयां वितरित करतें हैं।

ईद का ऐलान होते ही चांद रात से ही मुस्लिम परिवार फित्तरे(दान) की रस्म अदायगी शुरू कर देते हैं। ईद की नमाज से पहले फित्तरा दिया जाता है। ये मुस्लिम परिवार अपनी संपत्ति के हिसाब से देते हैं। फित्तरे के बाद नमाज अता की जाएगी। उसके बाद एक दूसरे को मुबारकबाद देनें का सिलसिला शुरू हो जाएगा। ईद का त्यौहार लगातार तीन दिन तक मनाया जाता है। ईद के दूसरे दिन को बासी और तीसरें दिन को तेवासी बोलतें हैं।

आज से जामा मस्जिद के आसपास की गलियों ,सीलमपुर और औखला की गलियों में मेले लग गए हैं। ये मेले करीब सात दिन तक लगे रहेंगें। इन मेलों में बच्चें झूले झूलते हैं। दिल्ली के मुस्लिम बहुल इलाकों में सजे बाजारों में ज्यादातर महिलाओं को खरीददारी करते देखा जा सकता है। महिलाएं अपने परिवारों के लिए रेडीमेड कपड़ों की खरीददारी करते देखी जा सकती हैं। वे अपनें लिए चूड़ियों और रेडीमेड सूटों की खरीददारी में लगी हुईं हैं।

चूड़ियों की विशेष दुकानें पुरानी दिल्ली के चूड़ीवालान,और बल्लीमारान में लगाई गईं हैं। इन दुकानों पर महिलाओं की खासी भीड़ देखी जा सकती है। इसी तरह से इन दिनों तरह तरह के सौंर्दय प्रसाधनों की भी बिक्री होती है। बाजारों में सौंर्दय प्रसाधनों की दुकानों पर भीड़ देखी जा सकती है।

रमजान के दौरान खाने पीनें की चीजों को छोड़कर रेडीमेड कपड़े के विक्रेता ज्यादातर खाली बैठे रहे। मुस्लिम परिवारों ने पिछले दिनों में कपड़ों की काफी कम खरीददारी की। दिल्ली के व्यापारियों को चिंता थी कि कहीं इस बार ईद का त्यौहार उनके लिए मंदा न रह जाए। लेकिन जैसै जैसै ईद का दिन नजदीक आता गया,बाजारों में खरीददारी बढ़नें लगी और फिर व्यापारियों के भी चेहरे खिल उठे।