नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने IndiGo पर 22.20 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। IndiGo पर यह कार्रवाई पिछले साल दिसंबर महीने में उड़ान सेवाओं में हुई देरी और रद्द होने के चलते की गई है। शनिवार को जारी बयान में, DGCA ने कहा है कि IndiGo के परिचालन से जुड़ी गड़बड़ियों की समीक्षा करने के बाद ही यह कार्रवाई की गई है।
उस दौरान लोगों को काफी परेशानी हुई थी और राष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे की गूंज हुई थी। कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी दलों ने इस मामले को जोर-शोर से उठाया था। DGCA ने कंपनी के प्रमुख पीटर एल्बर्स के साथ-साथ दो अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को कड़ी चेतावनी जारी की।
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IndiGo भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन है और इससे देश के 60 प्रतिशत से ज्यादा लोग सफर करते हैं। IndiGo के कामकाज में दिक्कत आने की वजह नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) नियमों के लागू होने के बाद क्रू की कमी होना है।
DGCA ने बनाई थी समिति
DGCA ने फ्लाइट्स में हुई गड़बड़ी के मामले में संयुक्त महानिदेशक संजय के. ब्राह्मणे की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति का गठन किया था, ताकि ऐसी गड़बड़ियों की वजहों की व्यापक समीक्षा और मूल्यांकन किया जा सके। इस समिति ने पिछले साल 27 दिसंबर को DGCA को रिपोर्ट सौंपी थी।
मामले के सामने आने के बाद नागर विमानन मंत्री राममोहन नायडू ने आठ दिसंबर को राज्यसभा में कहा था कि मामले में जांच की जा रही है और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
IndiGo की फ्लाइट्स में गड़बड़ी की वजह से मुसाफिरों को देरी और उड़ान रद्द होने की परेशानी का सामना करना पड़ा था। सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर काफी हंगामा हुआ था। कई लोगों ने कहा था कि इस वजह से उन्हें दूसरी एयरलाइंस से काफी महंगे टिकट खरीदने पड़े थे।
IndiGo बोर्ड के चेयरमैन विक्रम सिंह मेहता ने 10 दिसंबर, 2025 को लोगों से माफी मांगी थी।
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