योग गुरु और पतंजलि आयुर्वेद के संस्थापक बाबा रामदेव का कहना है कि नोटबंदी के फैसले से तीन-पांच लाख करोड़ रुपये का घोटाला सामने आएगा। रामदेव ने न्यूज वेबसाइट से बातचीत में यह बयान दिया। उन्होंने आरबीआई के रोल पर सवाल उठाते हुए कहा कि या तो उन्होंने या फिर पुरानी सरकार ने एक ही सीरीज के दो-दो नोट छाप दिए। रामदेव ने कहा, ”आरबीआई के कुछ लोगों की भूमिका संदेह के दायरे में हैं। यह दुर्भाग्यजनक है और हमारी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। क्या उन्होंने एक ही सीरियल नंबर के दो नोट छापे। लेकिन यदि एक ही सीरीज के दो नोट छापे तो यह अर्थव्यवस्था पर बड़ा कलंक है। मुझे लगता है कि इससे 3-5 लाख करोड़ के घोटाले का खुलासा होगा।” इसके बाद उन्होंने कहा कि नोट बंदी के फैसले को लागू करने में कमी रही है।
रामदेव ने कहा कि नकदी की सप्लाई पर्याप्त थी लेकिन यह भ्रष्ट लोगों को दे दिए गए। लागू करने का तरीका बेहतर हो सकता था। पीएम मोदी भी बैंकर्स के भ्रष्टाचार को नहीं देख पाए। उन्होंने कहा कि नोटबंदी का सुझाव उन्होंने ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया था। इसके साथ उन्होंने दो अन्य आइडिया भी दिए थे। अगर उन्हें भी लागू किया जाता तो ज्यादा फायदा और सफलता मिलती। रामदेव बोले, ”मैंने तीन सुझाव दिए थे। पहला, बड़े नोटों को बंद कर दिया जाए। दूसरा, पूरी व्यवस्था को कैशलेस कर दिया जाए और ट्रांजेक्शन टैक्स लगाया। तीसरा, बैंकिंग सिस्टम को पारदर्शी बनाया जाए। उन्होंने केवल पहले सुझाव पर ही काम किया लेकिन बाकी दो नहीं सुने। व्यवस्था तभी सुधरेगी जब सभी तीनों सुझावों पर काम किया जाएगा।”
उन्होंने लोगों को हो रही परेशानी के पीछे तीन वजहें बताई। उन्होंने कहा कि कुछ बैंकर्स ने कमीशन पर कालेधन को सफेद किया, दूसरी निजी बैंकों ने 200-200 करोड़ रुपए नोटबंदी के बाद इधर-उधर किए और तीसरा, ऐसा सुनने में आ रहा है कि आरबीआई ने डबल सीरीज के नोट छापे हैं। अगर ऐसा हुआ है तो सिस्टम से भरोसा ही उठ जाएगा।
