Delhi Violence CAA Protest Maujpur, Gokulpuri, Bhajanpura, Jaffrabad, Chand Bagh Updates: दिल्ली के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में हुई हिंसा में अब तक 39 लोगों की मौत हो चुकी है। सैकड़ों लोग घायल हैं और कुछ लोगों के लापता होने की बात भी कही जा रही है। सिर्फ अल हिंद अस्पताल में हिंसा से प्रभावित ऐसे 500 लोग भर्ती हुए, जो गंभीर रुप से घायल थे। अल हिंद अस्पताल के डॉक्टर ने एक ऐसे व्यक्ति का इलाज किया, जिसका लिंग उसके अंडकोश से अलग हो गया है और उसके गुदा के आसपास भी गंभीर चोट है।
डॉक्टर ने बताया कि मुस्तफाबाद के रहने वाले 22 साल के मोहम्मद इमरान के प्राइवेट पार्ट मंगलवार को पुलिस की गोलीबारी में फट गए थे। इमरान के भाई इब्राहिम ने बताया कि मई में उनकी शादी होने वाली थी। फिलहाल इमरान की हालत स्थिर बनी हुई है और वह एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हें प्रारंभिक इलाज के बाद विशेष सुविधा के लिए अल हिंद से यहां स्थानांतरित कर दिया गया था।
दिल्ली हिंसा से जुड़ी सभी खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें
फर्स्ट पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, इमरान ने बताया, “हम न केवल सड़कों पर, बल्कि अपने घरों के अंदर भी असुरक्षित हैं। मैं शाम करीब 5 बजे घर से बाहर निकला था। देखा कि कुछ लोग हंगामा कर रहे हैं। मैं बस यह देखने की कोशिश कर रहा था कि क्या हो रहा है, तभी मेरे निजी अंगों में कुछ हुआ और खून बहने लगा। मैं घर जाकर जांच करने लगा कि क्या हुआ था। तभी मुझे एहसास हुआ कि मेरे अंडकोश फट चुके थे। काफी खून बह रहा था। यह बहुत गहरा घाव था और बहुत तेज दर्द कर रहा था। मुझे ऐसा लग रहा था कि मैं मर गया हूं।”
चार भाईयों और तीन बहनों वाले परिवार में इमरान अकेले कमाने वाले व्यक्ति हैं। इस हादसे के बाद वे अगले कुछ महीनों तक काम नहीं कर पाएंगे। उनके भाई इब्राहिम कहते हैं, “काम तो बाद में, पहले जान बच जाए उसकी।” प्राइवेट पार्ट में चोट के अलावा पीठ पर भी लाठी के निशान हैं और सिर पर भी गंभीर चोट लगे हैं।
इमरान के पिता समशुद्दीन फर्स्ट पोस्ट की रिपोर्टर इस्मत आरा से बात करते हुए कहा कि जब पुलिस गोली चला रही थी और आंसू गैस के गोले छोड़ रही थी, उस समय उनका बेटा मुस्तफाबाद की एक गली में किनारे पर खड़ा था। अचानक वह चिल्लाया और गिर पड़ा। उसके कपड़े खून से लाल हो गए थे। हम उसे तुरंत घर लेकर गए और पाया कि जख्म काफी गहरा है। जब वे उसे अर्बन हॉस्पीटल लेकर गए तो वहां एडमिट करने से मना कर दिया गया। इसके बाद हम एलएनजेपी लेकर गए।

