राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली पिछले 6 दिनों से धूल, धुआं मिश्रित धुंध से परेशान है। एक तरफ जहां लोगों की आंखों में जलन और सासं लेने में परेशानी हो रही है वहीं दूसरी ओर दृश्यता कम होने से सड़कों पर दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं और विमानों की आवाजाही में भी रुकावट पैदा हो रही है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने भी केन्द्र और दिल्ली सरकार को लताड़ लगाई है। बावजूद इसके सरकार धुंध को कम करने में लाचार साबित हो रही है। सरकारी महकमों में बैठक-दर-बैठकें हो रही हैं। फिलहाल दिल्लीवासियों को धुंध से छुटकारा मिलता नजर नहीं आ रहा है। हालांकि मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि ठंडी हवा चलने से दो-तीन दिन बाद कुछ धुंध छटेगी।

पड़ोसी देश चीन की राजधानी बीजिंग में भी इसी तरह की धुंध छाई है। कम दृश्यता की वजह से बीजिंग अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे पर उड़ान सेवाओं में देरी हुई, जबकि कुछ उड़ान सेवाएं रद्द भी हो गईं। वहां ऑरेन्ज अलर्ट जारी किया गया है लेकिन वहां सरकार और प्रशासन ने आम लोगों को इसके कुप्रभाव से बचाने के लिए ठोस पहल की है। जबकि दिल्ली में इस तरह की ठोस पहल का अभी तक इंतजार है। बीजिंग प्रदूषण और छाई धुंध से निपटने के लिए शहर में एक वेब कॉरिडोर बनाने जा रहा है जिसमें साफ हवा प्रवाहित कर धुंध और धुआं को उससे हटाया जाएगा। ऐसे कॉरिडोर सड़कों के ऊपर बनाए जाएंगे।

वीडियो देखिए: प्रदूषण पर NGT ने लगाई फटकार

चीनी समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक शुरुआती दौर में बीजिंग में ऐसे पांच कॉरिडोर बनाए जाएंगे जिसकी चौड़ाई 500 मीटर होगी। कुछ और छोटे कॉरिडोर बनाए जाएंगे जिसकी चौड़ाई 80 मीटर होगी। ये कॉरिडोर शहर के पार्कों, नदियों, झीलों, हाईवे और ग्रीन बेल्ट्स और छोटे-छोटे मकानों को आपस में जोड़ेगी, जहां साफ हवा प्रवाहित की जाएगी। रिपोर्ट के मुताबिक, प्राइमरी और सेकेंडरी वेंटिलेशन कॉरिडोर के अलावा कुछ छोटे-छोटे कॉरिडोर बनाने की भी योजना है। कॉरिडोर के इलाके में किसी भी तरह के निर्माण कार्य पर पूर्णत: प्रतिबंध होगा। सिन्हुआ के मुताबिक, बीजिंग के अलावा शांघाई और फुजोऊ में भी इसी तरह के कॉरिडोर बनाए जाएंगे।

मौजूदा संकट से निपटने के लिए बीजिंग में भारी वाहनों के लिए सघन चेकिंग अभियान चलाया गया है। प्रदूषण मानकों का उल्लंघन करनेवाले वाहनों पर 1000 यूयान का भारी जुर्माना लगाया गया है। शहर के सीमाई इलाकों में ऐसे अभियान चलाए जा रहे हैं। वहां के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक इस कोयला जलाने के खिलाफ भी अभियान चलाया जा रहा है। इसके बाद से वहां प्रदूषण में कुछ कमी आई है।

बीजिंग में प्रदूषण से बचने के लिए मास्क लगाए लोग
बीजिंग में प्रदूषण से बचने के लिए मास्क लगाए लोग

गौरतलब है कि साल 2013 में चीन ने प्रदूषण को लेकर एक वार्निंग सिस्टम अपनाया था। इसके बाद वहां की सरकार ने ऐसे कई उपाय किए जिससे बीजिंग के प्रदूषण को कम करने में मदद मिली। 2015 में चीन में प्रदूषण को लेकर हाई अलर्ट रहा। स्कूलों को बंद रखा गया। कंस्ट्रक्शन पर रोक लगाई गई और ऑड-इवेन फॉर्मूले के तहत सड़कों पर से गाड़ियों को कम किया गया। इस साल चीन ने बीजिंग की सड़कों पर से 10 साल पुरानी लगभग साढ़े तीन लाख कारों को हटाने में सफलता पाई। लोगों को नई कार खरीदने में सरकार ने पैसों की मदद दी और पुरानी कारों को रिप्लेस करवाया। इस कदम से चीन सरकार को बीजिंग की हवा में 40,000 टन प्रदूषित कणों के घुलने से रोकने में सफलता मिली।