Delhi Karol Bagh Hotel Arpit Palace Fire Today Updates: दिल्ली के करोल बाग इलाके में गुरुद्वारा रोड स्थित एक होटल अर्पित पैलेस में मंगलवार तड़के भीषण आग लग गई। इस हादसे में 17 लोगों की मौत हो गई है। वहीं 9 लोगों के घायल होने की खबर है। मरने वालों में एक महिला और एक बच्चा भी शामिल है, जिन्होंने आग लगने पर होटल की खिड़की से छलांग लगा दी थी। दिल्ली फायर सर्विस के चीफ अतुल गर्ग का कहना है कि हादसे में मरने वाले लोगों का आंकड़ा बढ़ भी सकता है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। इसकी जांच की जा रही है।
बता दें कि जिस होटल अर्पित पैलेस में आग लगी, वह एक 3 मंजिला इमारत है, जिसमें 35 कमरे हैं। एक कार्यक्रम के लिए होटल एक परिवार द्वारा बुक कराया गया था। जानकारी के मुताबिक आग होटल के ऊपरी फ्लोर में लगी। फायर ब्रिगेड की 26 गाड़ियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

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खबर के अनुसार, आग की सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंची और उन्होंने आग पर काबू पाने की कोशिशें शुरु कर दीं। इस दौरान फायर कर्मियों ने होटल से 30 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। हादसे में मरने वाले ज्यादातर लोग एक ही परिवार के बताए जा रहे हैं, जो कि केरल के कोच्चि के रहने वाले थे और दिल्ली एक समारोह में शामिल होने आए थे।
दिल्ली के होटल में लगी आग की घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है। पीएमओ इंडिया की तरफ से एक ट्वीट कर मृतकों के परिजनों के प्रति सहानुभूति जाहिर की गई है, वहीं घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की गई है।
दिल्ली होटल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष बालन मनी का कहना है कि डक्टिंग में आग लगने के कारण यह पूरे होटल में फैल गई। होटल में नियमों का पूरी तरह से पालन किया गया था। जांच के बाद ही लाइसेंस जारी किया गया था।
अभी तक हादसे के कारणों का पता नहीं चल सका है, जिसकी जांच की जा रही है। आग सुबह 4 बजे लगी और जब तक लोग कुछ समझ पाते आग तेजी से फैलती चली गई। ऐसे में कुछ लोग जान बचाने के लिए होटल की खिड़कियों से ही कूद गए।
दिल्ली सरकार में मंत्री सत्येन्द्र जैन ने बताया कि दिल्ली के होटल में लगी आग में 17 लोगों की मौत हो गई, वहीं 2 अन्य लोग घायल हुए हैं। हादसे में मरने वाले अधिकतर लोगों की मौत दम घुटने के कारण हुई। इस हादसे की डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए गए हैं। हादसे में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मरने वालों में से 13 लोगों के शव दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में रखे गए हैं। वहीं बाकी 4 शवों को लेडी हार्डिंग कॉलेज और बीएल कपूर हॉस्पिटल में रखा गया है।