भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ऑलराउंडर खिलाड़ी मनोज प्रभाकर, उनके परिवार और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को आपराधिक मामले में एफआईआर दर्ज की है। मनोज और उनकी पत्नी फरहीन के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। इन दोनों के खिलाफ यह एफआईआर प्रभाकर की पूर्व पत्नी लंदन में रहने वाली संध्या शर्मा ने दर्ज कराई है।
पुलिस ने कहा कि संध्या शर्मा पंडित ने मालवीय नगर के सर्वप्रिया विहार में अपने दूसरे मंजिल के फ्लैट में आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। मालवीय नगर थान में दर्ज कराई गई इस एफआईआर में संध्या ने प्रभाकर पर आरोप लगाए हैं कि उन्होंने कुछ राजनेताओं की सहायता से दक्षिण दिल्ली स्थित उनके फ्लैट को बेच दिया। संध्या ने जब पती-पत्नी से इस मामले में संपर्क करना चाहा तो इस जोड़ी ने संध्या को इसके भयंकर परिणाम भुगतने की बात कही।
अपार्टमेंट में पहली मंजिल पर अपने परिवार के साथ रहने वाले प्रभाकर ने इन आरोपों का खंडन किया है। पूर्व क्रिकेटर ने कहा “मैं शिकायतकर्ता से कभी नहीं मिला। अगर वह मेरे सामने आती है, तो वह मुझे पहचान भी नहीं पाएंगी। इस बिल्डिंग में लोग आते-जाते हैं। मैं किसी और की संपत्ति में सौदेबाजी क्यों करूंगा? यह मुझे बदनाम करने के लिए एक चाल है।”
संध्या इस फ्लैट में 2006 तक रहीं। इसके बाद इसमें उनके भाई ने निवास किया। भाई के बाद उनका एक दोस्त अगस्त 2018 तक इस फ्लैट में रहा। इसके बाद उनका परिवार इस फ्लैट को कभी-कभार उपयोग में लेता था। संध्या ने आरोप लगाया है कि जुलाई 2019 में उन्हें अपने भाई से पता चला कि मनोज प्रभाकर के गुंडों ने फ्लैट का ताला तोड़ा और उसे हथिया लिया। दिलचस्प बात यह है कि मनोज और उनकी पत्नी फरहीन अपने दो बेटों के साथ इसी बिल्डिंग में पहली मंजिल पर रहते हैं।
संध्या ने आरोप लगाया है कि फरहीन ने उनसे फ्लैट लौटाने के लिए 1.50 करोड़ रुपये की मांग की थी। संध्या ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 420/468/471/120-बी-34 के तहत प्रभाकर पर फरहीन और कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर उनकी संपत्ति हड़पने के आरोप लगाए हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि पहले यह पारिवारिक मुद्दा लग रहा था लेकिन जांच के बाद खुली परतों से पता चला कि फरहीन की उस संपत्ति पर नजरें हैं। एफआईआर 17 अक्टूबर को दर्ज कराई गई, लेकिन असल प्रकरण एक अक्टूबर का है जब संध्या की प्रभाकर और फरहीन के खिलाफ एफआईआर दिल्ली के सीनियर पुलिस अधिकारी के आदेश पर पुलिस द्वारा दर्ज की गई।
