दिल्ली की एक अदालत ने बृहस्पतिवार को पूर्वी दिल्ली में 2013 में पांच वर्षीय बच्ची से बलात्कार के दो दोषियों को 20 वर्ष जेल की सजा सुनायी।अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नरेश कुमार मल्होत्रा ने साथ ही पीड़िता को 11 लाख रुपये का मुआवजा भी प्रदान किया।

पीड़िता के लिए पेश होने वाले अधिवक्ता एच एस फूलका ने कहा कि वह आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील करेंगे और दोनों दोषियों को आजीवन कारावास का अनुरोध करेंगे। 15 अप्रैल 2013 को हुई इस वीभत्स घटना में दोषियों ने पीड़िता के निजी अंगों में कोई वस्तु घुसा दी थी और उसे मृत समझ कर एक कमरे में छोड़ दिया था। बच्ची को 40 घंटे बाद 17 अप्रैल को कमरे से निकाला गया था।

100 से अधिक पृष्ठों के अपने फैसले में अदालत ने कहा, ‘‘हमारे समाज में छोटी बच्चियों को कई मौकों पर देवी के तौर पर पूजा जाता है लेकिन वर्तमान मामले में पीड़ित बच्ची, जो घटना के समय करीब पांच वर्ष की थी, ने असाधारण कुकृत्य और अत्यधिक क्रूरता का सामना किया।’’

अदालत ने कहा कि पीड़िता के खिलाफ अपराध को विचित्र तरीके से अंजाम दिया गया और इससे समुदाय का अंत:करण हिल गया।
यह घटना 23 वर्षीय पैरामेडिकल छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार एवं हत्या मामले के चार महीने बाद हुई थी। उक्त पैरामेडिकल छात्रा को निर्भया नाम दिया गया था।अदालत ने शाह और कुमार को भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 342, 201, 304, 376 (2), 377 और 34 तथा पोक्सो कानून की धारा छह के तहत दोषी ठहराया था।

(भाषा इनपुट्स के साथ)