75वें संविधान दिवस के उपलक्ष्य में पुराने संसद भवन के ऐतिहासिक सेंट्रल हॉल में समारोह आयोजित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा एलओपी मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा एलओपी राहुल गांधी और अन्य नेता संसद के संविधान सदन में संविधान दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए।

‘संविधान दिवस’ 26 नवंबर, 1949 को भारतीय संविधान को आधिकारिक रूप से अपनाए जाने के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। भारत सरकार ने साल 2015 में हर वर्ष 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाने की घोषणा की थी। भारतीय संविधान को औपचारिक रूप से 26 नवंबर 1949 को अपनाया गया था। दो महीने बाद 26 जनवरी 1950 को यह लागू हुआ और इस दिन को गणतंत्र दिवस के रूप में घोषित किया गया।

संविधान का प्रारूप तैयार करना एक गहन और समावेशी प्रक्रिया थी। संविधान सभा को इसका प्रारूप तैयार करने में 2 साल, 11 महीने और 18 दिन लगे। भारत के संविधान निर्माण की प्रक्रिया में 7600 से ज़्यादा संशोधन प्रस्तावित किए गए। बाद में सभा द्वारा 114 दिनों तक प्रारूप पर चर्चा करने के बाद 2400 संशोधनों को स्वीकार किया गया। आइए जानते हैं संविधान को अपनाने से संबंधित प्रमुख घटनाओं की टाइमलाइन।’

पढ़ें- 26 नवंबर को ही क्यों मनाया जाता है संविधान दिवस ?

1934: मानवेंद्र नाथ रॉय ने भारत के संविधान का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए संविधान सभा के गठन का विचार प्रस्तावित किया। अगले वर्ष, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने इसे अपनी आधिकारिक माँगों में शामिल कर लिया।

1946: कैबिनेट मिशन योजना द्वारा तैयार की गई योजना के तहत संविधान सभा का गठन किया गया।

9 दिसंबर, 1946: संविधान सभा का पहला सत्र आयोजित किया गया और इसमें 207 सदस्यों ने भाग लिया, जिनमें नौ महिलाएं भी शामिल थीं। यह सत्र संविधान हॉल में आयोजित किया गया, जिसे अब संसद भवन के केन्द्रीय हॉल के रूप में जाना जाता है।

13 दिसंबर, 1946: जवाहरलाल नेहरू ने “उद्देश्य प्रस्ताव” पेश किया जिसे 22 जनवरी, 1947 को सर्वसम्मति से प्रस्तावना के रूप में अपनाया गया।

29 अगस्त, 1947: भारत के लिए संविधान का प्रारूप तैयार करने हेतु प्रारूप समिति का गठन किया गया। अंबेडकर की अध्यक्षता वाली यह समिति, संविधान सभा की 17 से अधिक समितियों में से एक थी।

4 नवंबर, 1948: बी.आर. अम्बेडकर ने संविधान सभा के समक्ष संविधान का पहला प्रारूप प्रस्तुत किया।

26 नवंबर, 1949: संविधान सभा का अंतिम सत्र आयोजित हुआ और संविधान को अपनाया गया।

24 जनवरी, 1950: संविधान सभा के सदस्यों ने संविधान के अंतिम संस्करण पर हस्ताक्षर किए।

26 जनवरी, 1950: संविधान लागू हुआ।

भारतीय संविधान में किए गए प्रमुख संशोधन

42वां संशोधन अधिनियम, 1976

इस संशोधन को “लघु संविधान” भी कहा जाता है क्योंकि इसने संविधान में कई बदलाव किए। इनमें प्रमुख थे प्रस्तावना में ‘समाजवाद’, ‘धर्मनिरपेक्षता’ और ‘अखंडता’ जैसे शब्दों को शामिल करना। इसने नागरिकों के लिए मौलिक कर्तव्यों को भी शामिल किया, राज्य से केंद्र सरकार को शक्ति हस्तांतरित की और देश के सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों की शक्तियों को कम किया।

44वां संशोधन अधिनियम, 1978

चौवालीसवें संशोधन ने बयालीसवें संशोधन द्वारा किए गए कुछ बदलावों को उलट दिया जैसे कि अनुच्छेद 368 के तहत सरकार को संविधान में संशोधन करने की अनुचित शक्ति को निरस्त करना। इसने संवैधानिक आपातकालीन प्रावधानों को भी संशोधित किया और भविष्य में उनके दुरुपयोग को रोका। इन बदलावों के अलावा, 1978 के संशोधन ने संपत्ति के अधिकार को “मौलिक अधिकार” से घटाकर “कानूनी अधिकार” कर दिया।

46वां संशोधन अधिनियम, 2002

इस संशोधन के तहत अनुच्छेद 21ए के तहत शिक्षा के अधिकार को शामिल किया गया और 6-14 वर्ष की आयु वर्ग के लिए निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा को अनिवार्य बनाया गया। इसने अनुच्छेद 45 के प्रावधानों को भी संशोधित किया, साथ ही अनुच्छेद 51A(K) को जोड़कर माता-पिता या अभिभावकों के लिए प्रारंभिक बाल्यावस्था के बच्चों को शिक्षा के अवसर प्रदान करना एक मौलिक कर्तव्य बना दिया।

101वां संशोधन अधिनियम, 2016

2016 में संविधान में किए गए इस संशोधन के परिणामस्वरूप वस्तु सेवा कर (जीएसटी) लागू किया गया जो कर व्यवस्था में एक बड़ा सुधार था, जिसने विभिन्न अन्य मौजूदा कर संबंधी प्रावधानों का स्थान ले लिया।

भारतीय संविधान के निर्माण की कालरेखा

1934
विचार का जन्म
मानवेंद्र नाथ रॉय ने संविधान सभा के गठन का विचार प्रस्तावित किया।
1946
औपचारिक गठन
कैबिनेट मिशन योजना के तहत संविधान सभा का गठन किया गया।
1946
पहला सत्र (9 दिसंबर)
207 सदस्यों ने भाग लिया, जिनमें 9 महिलाएं शामिल थीं।
1946
उद्देश्य प्रस्ताव (13 दिसंबर)
नेहरू का प्रस्ताव 22 जनवरी, 1947 को प्रस्तावना बना।
1947
प्रारूप समिति (29 अगस्त)
बी.आर. अंबेडकर की अध्यक्षता में प्रारूप समिति का गठन।
1948
पहला प्रारूप (4 नवंबर)
अंबेडकर ने संविधान का पहला प्रारूप प्रस्तुत किया।
1949
अंगीकार (26 नवंबर)
संविधान सभा ने संविधान को औपचारिक रूप से अपनाया।
1950
कार्यान्वयन (26 जनवरी)
संविधान लागू हुआ और गणतंत्र दिवस घोषित हुआ।
2 वर्ष, 11 माह, 18 दिन – प्रारूप तैयारी की अवधि
7,600+ – प्रस्तावित संशोधन
2,400 – स्वीकृत संशोधन
114 – दिन प्रारूप पर चर्चा
जनसत्ता InfoGenIE

पढ़ें- संविधान औपनिवेशिक मानसिकता छोड़ राष्ट्रवादी सोच अपनाने का मार्गदर्शक दस्तावेज: राष्ट्रपति मुर्मू