मणिपुर में हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। 1 सितंबर से अब तक करीब 9 लोगों की हत्या हो चुकी है। मणिपुर के निचले गांवों पर अत्याधुनिक रॉकेटों से हमला किया जा रहा है और ड्रोन से बम गिराए जा रहे हैं। इस बीच बीजेपी विधायकों ने शनिवार शाम को मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के साथ एक बैठक की। बैठक के बाद मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह राजभवन गए और राज्यपाल लक्ष्मण आचार्य से अकेले में मुलाकात की।

केंद्र से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की

सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने कथित तौर पर केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। शनिवार को मणिपुर के जिरीबाम जिले में एक बुजुर्ग मैतेई व्यक्ति की हत्या के बाद दो सशस्त्र समूहों के बीच हुई गोलीबारी में करीब पांच लोग मारे गए हैं। सूत्रों के अनुसार कुछ संदिग्ध कुकी उग्रवादियों ने शनिवार सुबह जिला मुख्यालय के जिरीबाम पुलिस स्टेशन से लगभग 5 किमी दूर निंगथेम खुनोउ में 63 वर्षीय वाई कुलचंद्र के घर में घुसकर उनकी गोली मारकर हत्या कर दी। यह घटना कथित तौर पर सुबह 5 बजे हुई, जब कुलचंद्र सो रहे थे। पुलिस ने कहा कि नुंगचेप्पी क्षेत्र में सशस्त्र हमलावरों और एक अन्य सशस्त्र समूह के बीच हुई गोलीबारी में चार हथियारबंद कुकी पुरुषों और एक सशस्त्र मैतेई व्यक्ति की मौत हो गई।

शनिवार की घटनाओं के बाद मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने बीजेपी के विधायकों की एक बैठक का नेतृत्व किया। मणिपुर में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार में नागा पीपुल्स फ्रंट, नेशनल पीपुल्स पार्टी और जनता दल (यूनाइटेड) के विधायक भी शामिल हैं। एक विधायक के अनुसार, छह कैबिनेट मंत्रियों सहित 24 विधायकों ने बैठक में भाग लिया। लमलाई से भाजपा विधायक इबोम्चा ने कहा कि केंद्र पर ‘उग्रवादियों को नियंत्रण में लाने के लिए उचित कार्रवाई करने’ का दबाव बनाने के लिए एक निर्णय लिया गया है। अत्याधुनिक हथियारों से हो रहे हमलों के कारण इन परिस्थितियों में सामान्य स्थिति नहीं लाई जा सकती। इसलिए चर्चा हुई कि हमें केंद्रीय नेतृत्व पर दबाव बनाना चाहिए। कल सभी विधायक इसे उठाने के लिए राज्यपाल से मिलेंगे।

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मणिपुर भाजपा के एक सूत्र ने कहा कि COCOMI (Coordinating Committee on Manipur Integrity) सहित विभिन्न समूहों की मांग थी कि केंद्र को अपने लोगों को बढ़ते उग्रवादी हमलों से बचाने के लिए मणिपुर को और अधिक सहायता भेजनी चाहिए। सूत्र ने कहा, “केंद्र सरकार राजनीतिक मुद्दों को संबोधित करने के बजाय हिंसा को कम करने पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रही है। आज जो चर्चा हुई वह उसी दिशा में थी।”

COCOMI ने केंद्र सरकार को दिया अल्टीमेटम

मणिपुर में सार्वजनिक आपातकाल की स्थिति की घोषणा करते हुए COCOMI ने केंद्र सरकार को एक अल्टीमेटम दिया। उसने पांच दिनों के भीतर संकट से निपटने के लिए भारतीय सशस्त्र बलों से ठोस कार्रवाई की मांग की। COCOMI ने धमकी दी कि ऐसा न करने पर, लोगों द्वारा अपनी और मूल आबादी की रक्षा के लिए कठोर कदम उठाए जाएंगे, जिसमें मणिपुर से केंद्रीय बलों को बाहर भेजना भी शामिल है। शनिवार का घटनाक्रम मणिपुर के दिवंगत मुख्यमंत्री मैरेम्बम कोइरेंग के घर पर रॉकेट हमलों में एक व्यक्ति की मौत और बिष्णुपुर जिले में दो इमारतों को नष्ट करने के एक दिन बाद आया है।

आधिकारिक सूत्रों ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि मणिपुर पुलिस विभाग ऐसे लंबी दूरी के रॉकेट हमलों का मुकाबला करने के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम सहित अधिक उपकरण खरीदने की योजना बना रहा है। सूत्रों के अनुसार पुलिस विभागों ने सीमांत क्षेत्रों में तलाशी अभियान तेज कर दिया है। पुलिस ने विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया है, जहां ड्रोन और रॉकेट हमले शुरू किए गए थे।