चंडीगढ़ पासपोर्ट कार्यालय के गैरजिम्मेदाराना रवैये का एक मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि अधिकारियों ने अंबाला की 2 लड़कियों का पासपोर्ट सिर्फ इस वजह से बनाने से इनकार कर दिया, क्योंकि उनका चेहरा नेपाली जैसा लग रहा था। अधिकारियों ने कागज पर लिखा कि दोनों लड़कियां नेपाली जैसी दिखती हैं। इस वजह से पासपोर्ट नहीं बनाया जा रहा है। साथ ही, उनसे नागरिकता का सबूत भी मांगा। फिलहाल यह मामला हरियाणा की खट्टर सरकार के मंत्री अनिल विज तक पहुंच चुका है।

यह है पूरा मामला: जानकारी के मुताबिक, अंबाला में रहने वाली 2 बहनें पासपोर्ट अप्लाई करने चंडीगढ़ पासपोर्ट ऑफिस गई थीं। आरोप है कि अधिकारियों ने उनसे कहा कि तुम नेपाली हो। नागरिकता साबित करने वाले कागजात लाकर दो।

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इन कागजात को किया दरकिनार: गौरतलब है कि पीड़ित लड़कियों ने पैन कार्ड, आधार कार्ड व कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से ग्रैजुएशन की डिग्री भी पेश की थी, लेकिन अधिकारियों ने उसे मानने से इनकार कर दिया। बताया जा रहा है कि अधिकारियों ने यह बात लिखित रूप में भी दी है। उन्होंने लिखा, ‘‘दोनों लड़कियां नेपाली जैसी दिख रही हैं।’’

अनिल विज तक पहुंचा मामला: जानकारी के मुताबिक, यह मामला हरियाणा सरकार में मंत्री अनिल विज तक पहुंच चुका है। इसके बाद उन्होंने डिप्टी कमिश्नर को जांच के आदेश दिया। अंबाला के डिप्टी कमिश्नर अशोक शर्मा ने बताया, ‘‘यह मामला मेरे संज्ञान में आया था। चंडीगढ़ पासपोर्ट कार्यालय से पूछा गया है कि कागजात पूरे होने के बावजूद पासपोर्ट क्यों नहीं बनाया गया? फिलहाल, पासपोर्ट बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।’’

सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा: बता दें कि इस मामले की जानकारी मिलने के बाद लोगों का गुस्सा सोशल मीडिया पर फूट पड़ा। एक यूजर ने लिखा कि एनआरसी लागू होने से पहले ही इसके साइड इफेक्ट नजर आने लगे हैं। वहीं, दूसरे यूजर ने लिखा, ‘‘पेपर देखो, चेहरा और कपड़े नहीं।’’