अभिनेता से नेता बने कमल हासन ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कावेरी मुद्दे पर तमिलनाडु को न्याय दिलाने का आग्रह किया। गुरुवार को मोदी के चेन्नई आगमन पर कमल ने एक वीडियो ट्वीट किया और सोशल मीडिया के जरिए प्रधानमंत्री के नाम एक खुला पत्र लिखा। उन्होंने लिखा, “आप तमिलनाडु को आसानी से न्याय दिला सकते हैं, जो वह मांग रहा है।” अपने पत्र में खुद को भारत और तमिलनाडु का सरोकार रखने वाला नागरिक बताते हुए कमल ने कहा, “कावेरी जल प्रबंधन बोर्ड के गठन में देरी होने से तमिलनाडु की जनता हताश है और वह न्याय चाहती है।”
उन्होंने कहा, “सर्वोच्च न्यायालय ने फैसला सुनाकर अपना संवैधानिक दायित्व पूरा कर दिया है। अब आपको सर्वोच्च न्यायालय का आदेश लागू कर अपना संवैधानिक कर्तव्य निभाना चाहिए।” कमल ने याद दिलाया कि नरेंद्र मोदी ने अपने गुजरात के मुख्यमंत्रित्वकाल में नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण का गठन कर नर्मदा के पानी का चार राज्यों में बंटवारा किया था। उन्होंने लिखा, “कृपया हमारे प्रधानमंत्री होने के तौर पर हमारी मदद करें और कावेरी जल प्रबंधन बोर्ड का गठन कर सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का पालन करें।”
कमल ने लिखा, “तमिलनाडु में सभी समुदाय के लोगों को यह विश्वास होने लगा है कि बोर्ड के गठन में देरी आगामी कर्नाटक विधानसभा चुनावों के कारण हो रही है जिससे आपकी पार्टी को फायदा होगा। श्रीमान, बतौर प्रधानमंत्री यह आपका कर्तव्य है कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश को तुरंत लागू कर इस खबर को गलत साबित कर दें।” उन्होंने उम्मीद जताई कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के तहत केरल और पुडुचेरी को भी उनका उचित हक मिलेगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए कावेरी जल प्रबंधन बोर्ड का गठन करना सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है।

पीएम मोदी गुरुवार को चेन्नई पहुंचे थे। यहां उनके विरोध की पूरी तैयारी गई थी। आईआईटी मद्रास में काले कपड़े पहने और हाथ में पोस्टर पकड़े लगभग 30 छात्रों ने मौन रहकर विरोध जताया। विरोध-प्रदर्शनों से बचने के लिए मोदी एक स्थान से दूसरे स्थान हवाई मार्ग से जा रहे थे, मगर उन्हें आईआईटी में विरोध का सामना करना ही पड़ गया।
My Open Letter to The Honourable Prime Minister @PMOIndia @narendramodi #KamalAppealToPM pic.twitter.com/P3Vlvzdcqq
— Kamal Haasan (@ikamalhaasan) April 12, 2018
प्रधानमंत्री हेलीकॉप्टर से उतर कर कुछ कदम दूर खड़ी कार में बैठने के लिए आगे बढ़े जो उन्हें अद्यार कैंसर संस्थान ले जाने वाली थी। जैसे ही वह आगे बढ़े, उन्हें विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों का सामना करना पड़ा। छात्र हाथों में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार कावेरी प्रबंधन बोर्ड के गठन की मांग वाले पोस्टर लिए हुए शांत खड़े थे।

