केंद्रीय कैबिनेट ने शुक्रवार (28 दिसंबर) को बच्चों के प्रति होने वाले यौन अपराधों के खिलाफ एक कड़ा कदम उठाया। कैबिनेट ने प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेज (पोक्सो एक्ट) में संसोधन किया है, इससे 18 वर्ष से कम आयु वालों का यौन उत्पीड़न होने पर आरोपी को मौत की सजा देने का प्रावधान होगा। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पत्रकारों से बात करते हुए इस बात की जानकारी दी। केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, ”कैबिनेट ने यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पोक्सो) अधिनियम के तहत गंभीर यौन अपराधों में मौत की सजा को मंजूरी दे दी है।” केंद्रीय मंत्री ने दिल्ली में मंत्रिमंडल के फैसलों की एक सूची पर प्रेस वार्ता के दौरान कहा, ”पोक्सो एक्ट में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। बच्चों से यौन अपराध करने पर सजा को बढ़ाया गया है। बच्चों को यौन हमलों से बचाने के लिए ये बदलाव किए जा रहे हैं।” सरकार की तरफ से जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक बच्चों के साथ गंभीर यौन अपराध को अंजाम देने के मामलों में दूसरी धाराओं में से धारा 4, 5 और 6 में सजा कड़ी करने के लिए संशोधन किया जाएगा, जिसमें मौत की सजा शामिल होगी।
इसके अलावा भी बच्चों को हमलों से बचाने के लिए सशोधनों को प्रस्तावित किया गया है। एक और अहम संशोधन किया गया है ताकि प्राकृतिक आपदा या तबाही की स्थिति में बच्चों का शोषण न हो पाए या फिर गलत नीयत से समय पूर्व उन्हें बालिग बनाने के लिए उसके हार्मोन्स में बदलाव जैसे कृत्यों को रोका जा सके। वहीं, बाल पोर्नोग्राफी पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने उससे संबंधित अश्लील कंटेट को डिलीट और नष्ट नहीं करने या चाइल्ड पोर्नोग्राफी की रिपोर्टिंग करने पर जुर्माना लगाने का फैसला किया है।
Union Law Minister, Ravi Shankar Prasad: Cabinet has approved death penalty in aggravated sexual offences under the Protection of Children from Sexual Offences (POCSO) Act. pic.twitter.com/E1JB8xCOOq
— ANI (@ANI) December 28, 2018
बता दें कि देश में तमाम बड़े मुद्दों के अलावा बच्चों की सुरक्षा भी अहम मुद्दा है। बच्चों से जुड़े यौन अपराधों के मामले आए दिन अखबारों और चैनल्स की सुर्खियां बनते हैं। बीते दिनों बच्चों से जुड़े कई यौन अपराधों के मामलों ने देश को हिलाकर रख दिया।
