असम और त्रिपुरा से असम राइफल्स और सेना की अतिरिक्त टुकड़ियां हटाई जाएंगी। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर असम और त्रिपुरा में विरोध प्रदर्शनों के बाद इन क्षेत्रों में अतिरिक्त सैन्य बलों की तैनाती की गई थी। कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार को देखते हुए केंद्र सरकार ने भारतीय सेना और असम राइफल्स की टुकड़ियों को धीरे-धीरे हटाने का फैसला किया है। गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। गृह मंत्रालय ने रक्षा मंत्रालय को इस आशय की संस्तुति भेज दी है।
गृह मंत्रालय एक आला अधिकारी ने कहा कि असम और त्रिपुरा में हालात सामान्य हो चुके हैं। दोनों राज्यों में कानून-व्यवस्था में सुधार हुआ है। इन राज्यों से भारतीय सेना और असम राइफल्स की टुकड़ियों को हटा लिया जाएगा। असम सरकार के अनुरोध पर 11 दिसंबर से 17 दिसंबर के बीच भारतीय सेना की 29 टुकड़ियां स्थानीय प्रशासन की सहायता के लिए तैनात की गई थीं। प्रत्येक टुकड़ी में 70 सैनिक और एक-दो अधिकारी होते हैं। इसी तरह त्रिपुरा सरकार के अनुरोध पर भी राज्य में असम राइफल्स की तीन सैन्य टुकड़ियां तैनात की गई थीं।
दोनों राज्यों में स्थानीय प्रशासन की आवश्यकतानुसार मदद के लिए सैन्य टुकड़ियों की तैनाती की गई थी। अधिकारियों के मुताबिक, हालात में काफी बाकी पेज 8 पर सुधार हुआ है और पिछले कुछ दिनों से इन राज्यों में हिंसा या सार्वजनिक प्रदर्शन की कोई घटना नहीं घटी है, इसलिए अतिरिक्त सैन्यकर्मियों की वहां तैनाती का अब कोई मतलब नहीं है। एक दिन पहले ही केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर में हालात सामान्य होने के बाद वहां भेजी गई अर्द्धसैनिक बलों की अतिरिक्त कंपनियों को वापस बुला लिया था। मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय सुरक्षा समीक्षा के बाद कश्मीर से 7200 जवानों की तुरंत वापसी का आदेश दिया। अर्द्धसैनिक बलों के कुल 72 कंपनियों को देश भर में अपने स्थानों पर लौटने को कहा गया।

