बीजेपी शासित 15 राज्यों के मुख्यमंत्री और एनडीए शासित चार राज्यों के उप मुख्यमंत्रियों संग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह आज (28 अगस्त) नई दिल्ली में पार्टी मुख्यालय में बैठक करने वाले हैं। एचटी मीडिया के मुताबिक इस बैठक में शामिल हो रहे सभी मुख्यमंत्रियों और उप मुख्यमंत्रियों से अपने-अपने राज्य के उन लाभार्थियों की लिस्ट लाने को कहा गया है जो केंद्र या राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हुए हैं। माना जा रहा है कि बीजेपी उन लाभार्थियों को वोट बैंक में बदलने की रणनीति पर इस बैठक में चर्चा करेगी। इससे पहले भी प्रधानमंत्री और बीजेपी अध्यक्ष केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों तक सरकार की बात पहुंचाने का निर्देश पार्टी पदाधिकारियों और नेताओं को दे चुके हैं। पार्टी आगामी लोकसभा और विधान सभा चुनाव के मद्देनजर तैयारियों और रणनीति पर इस बैठक में चर्चा करेगी।
बीजेपी सूत्रों के मुताबिक पार्टी आलाकमान ने सभी बीजेपी शासित 19 राज्यों के सीएम और डिप्टी सीएम से प्रखंड स्तर तक सरकारी योजनाओं के लाभुकों का नाम मंगवाया है। बीजेपी का दावा है कि मोदी सरकार के कार्यकाल में सरकारी योजनाओं से अब तक करीब 22 करोड़ लोगों को लाभ पहुंचा है। इन 22 करोड़ लोगों को अगले चुनाव में बीजेपी का वोटर बनाने की योजना पर पार्टी काम कर रही है। बीजेपी का दावा है कि उसके पास 11 करोड़ से ज्यादा सदस्य हैं और अगर 22 करोड़ लोगों का वोट बीजेपी को मिल जाए तो अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में साल 2014 से भी बड़ी जीत मिल सकती है। सूत्र बता रहे हैं कि बैठक में विधान सभा चुनाव वाले तीन राज्यों के लिए पार्टी अलग से रणनीति बनाएगी।
गरीबों को मुफ्त एलपीजी गैस कनेक्शन देने वाली प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, गरीबों का बैंक खाता खुलवाने वाली जन-धन योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, स्वरोजगार के लिए धन उपलब्ध करानी वाली स्टार्टअप योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना समेत कई जनकल्याणकारी योजनाओं को बीजेपी गेमचेंजर योजना मानती रही है। इसलिए पार्टी इसके लाभान्वितों के सहारे 2019 का चुनावी बैतरणी पार करना चाहती है। इसीलिए पार्टी मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन में इस पर ना केवल विस्तार से चर्चा करने जा रही है बल्कि उसके कार्यान्वयन की रणनीतियों पर भी मंथन करनेवाली है। बीजेपी विपक्षी लामबंदी से भी निपटने की योजना पर काम कर रही है क्योंकि अगले तीन-चार महीनों में एमपी, छत्तीसगढ़, राजस्थान समेत चार राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, जहां कांग्रेस से सीधी टक्कर है। कई सर्वे के नतीजे भी बीजेपी के लिए मुश्किलें बढ़ा चुके हैं।
