राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने पांच अगस्त से प्रशासनिक पाबंदियों से गुजर रहे जम्मू कश्मीर की वर्तमान स्थिति के बारे में सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को जानकारी दी। कश्मीर घाटी से लौटने के बाद डोभाल की शाह के साथ यह पहली बैठक है। वह घाटी में दस दिन तक रुके थे और वहां उन्होंने हालात पर व्यक्तिगत रूप से नजर रखी थी। इस बैठक में केंद्रीय गृह सचिव राजीव गौबा और खुफिया विभाग के शीर्ष अधिकारियों समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। इसमें राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाए गए कदमों की समीक्षा की गई। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक, एनएसए ने गृहमंत्री को जम्मू कश्मीर की संपूर्ण स्थिति के बारे में बताया। बैठक में जम्मू कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में लगाई गई पाबंदियों से जुड़े मुद्दों पर भी बैठक में चर्चा हुई।
केंद्र सरकार अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद कश्मीर में हालात खराब करने में जुटीं देश की अंदरूनी और बाहरी ताकतों पर गहरी नजर रख रही है। इसी क्रम में समीक्षा बैठक की गई। इसमें एक तरफ पाबंदियों के दौरान कश्मीरियों की सहूलियतों का ख्याल रखने पर जोर दिया गया तो दूसरी तरफ हिंसा भड़काने के मकसद से दी जा रही गलत खबरों और तरह-तरह की अफवाहों को कठोरता से कुचलने का निर्देश जारी करने का फैसला किया गया।
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बैठक के बाद सुरक्षा एजंसियों से कहा गया है कि वे अफवाहों पर कार्रवाई करने को लेकर चौकन्ना रहें। साथ ही कश्मीर में आमलोगों को किसी जरूरी वस्तुओं की कमी न हो, इसके लिए उनकी उपलब्धता की भी समीक्षा हुई। इस बैठक में खुफिया अधिकारियों के अलावा अन्य अधिकारियों ने कश्मीर से आ रही रिपोर्ट साझा की। अधिकारियों के मुताबिक, सरकार की मंशा है कि अगले 10 दिन में सभी तरह की बंदिशें हटा ली जाएं। हालांकि, इस पर एहतियात बरतते हुए फैसला लिया जाएगा।

