सोमवार को दिल्ली हाई कोर्ट की 50वीं सालगिराह समारोह के दौरान दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने जजों के फोन टैप होने का आरोप लगाया।इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद रहे। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जजों के फोन भी टैप होते हैं। मैं कहता हूं कि ऐसा नहीं होना चाहिए। मैंने देखा दो जज आपस में बात कर रहे थे फोन पर बात मत करो, फोन टैप होता है। मैं नहीं जानता है कि यह सही है या नहीं, लेकिन अगर यह सही है तो यह खतरनाक है। तो फिर न्यायपालिका की स्वतंत्रता कहां रही? उन्होंने कहा कि अगर कोई जज कुछ गलत करता भी है तो भी फोन टैपिंग नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा और भी तरीके हैं जिनसे सबूत इकट्ठा किए जा सकते हैं। दिल्ली हाईकोर्ट के गोल्डन जुबली समारोह में पीएम नरेंद्र मोदी, चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर, दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग और रविशंकर प्रसाद मौजूद भी थे।
केजरीवाल ने जजों की नियुक्ति को लेकर कहा कि मैंने पढ़ा है कि सुप्रीम कोर्ट के कोलेजियम ने कई महीने पहले न्यायिक पदों को भर्ती के लिए अपनी सिफारिशें भेजी थी। लेकिन वह अभी तक केंद्र के पास लंबित है। केजरीवाल के फोन टैपिंग के आरोपों का केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने खंडन किया है। कानून मंत्री रविशंकर ने कहा कि मैं दो साल तक कम्युनिकेशन मिनिस्टर रहा और मैं इस बात से इनकार करता हैं कि किसी भी जज का फोन टैप किया गया हो। साथ ही उन्होंने कहा कि उनकी सरकार न्यायपालिका की स्वतंत्रता के लिए प्रतिबद्ध है। कोर्ट की ही संवैधानिक पीठ का ही फैसला है कि कोलेजियम सिस्टम में सुधार होना चाहिए। सरकार उसे लेकर काम कर रही है और सुप्रीम कोर्ट के साथ मिलकर सुधार की कोशिश कर रही है।
I wish to deny with all the authority at my command that the phones of judges have been tapped in India at all: RS Prasad,Law Minister pic.twitter.com/IjigUXZNK3
— ANI (@ANI) October 31, 2016

