भारतीय सेना के जांबाज जवानों ने फिर एकबार अदम्य साहस और हौसले का परिचय देते हुए कीर्तिमान रचा है। सेना के जवानों ने जम्मू-कश्मीर के सियाचिन ग्लेशियर पर 18000 फीट की ऊंचाई पर फंसे एक हेलिकॉप्टर को निकाला है जो संभवता एक विश्व रिकॉर्ड है। दुनिया में कुछ ही देश इतनी ऊंचाई पर हेलिकॉप्टर ऑपरेट करते हैं, उनमें से भारत भी एक है। एएनआई की खबर के मुताबिक हेलिकॉप्टर को सुरक्षित निकालने के बाद वहां पर तैनात पैदल सैनिकों की मदद से वापस सियाचिन बेस कैंप पर लाया गया। सेना के सूत्रों के मुताबिक एक एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर (एएलएच) ध्रुव इस साल जनवरी में सियाचिन ग्लेशियर पर खांडा चौकी के पास फंस गया था। पायलट हेलिकॉप्टर को हेलिपैड पर लैड न कराकर मुलायम बर्फ पर उतारने में कामयाब हो पाए थे। हालांकि, हेलिकॉप्टर सुरक्षित उतर गया था लेकिन रातभर में इसके चारों तरफ बर्फ जमा हो गई थी। हेलिकॉप्टर को निकालने की कोशिशें की गईं लेकिन जुलाई तक कोई सफलता हाथ नहीं लगी थी। जुलाई में तब सफलता हाथ लगी जब सेना एएलएच स्कॉड्रन 203 के पायलट और तकनीशियन हेलिकॉप्टर में नए पुर्जे लगाने में सफल रहे और सियाचिन ग्लेशियर के बेस कैंप पर उसे सुरक्षिता ला पाए।

मंगलवार (25 दिसंबर) को पूर्व सेना विमानन प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल पी के भाराली ने एएनआई को बताया, ”ऑपरेशन में शामिल पायलट्स और तकनीशियनों को मैं जानता हूं। इन लोगों को जानते हुए मैंने साल-दो साल आर्मी एविएशन कॉर्प्स की अगुवाई की है, मैं केवल इतना कह सकता हूं कि भारतीय सेना के इन लोगों के लिए कुछ भी असंभव नहीं है।”

रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय सेना में शामिल चीता और चेतक हेलिकॉप्टर 23000 फुट की ऊंचाई पर उड़ान भर सकते हैं। ये फ्रांस निर्मित हेलिकॉप्टर हैं। मजे की बात यह है कि फ्रांस की सेना भी इन्हें इतनी विषम परिस्थिति में इस्तेमाल नहीं करती है। इतनी ऊंचाई पर फंसे हेलिकॉप्टर को निकाले जाने पर भारतीय सेना निश्चित तौर पर तारीफ की हकदार है।