भारतीय सेना ने यौन शोषण के एक मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए अपने एक आर्मी जनरल को सेना से बर्खास्त करने की प्रक्रिया शुरु कर दी है। भारतीय सेना की कानूनी ईकाई आर्मी जनरल कोर्ट मार्शल (जीसीएम) ने 2 साल पुराने यौन शोषण के मामले में एक मेजल जनरल को दोषी माना है। इसके बाद जीसीएम ने मेजर जनरल को सेवाओं से बर्खास्त करने की संस्तुति की है। जीसीएम ने धारा 354ए और आईपीसी के तहत यह फैसला सुनाया। सेना के नियमों के अनुसार, जीसीएम की सिफारिशों को अब पुष्टि के लिए चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ समेत उच्च अथॉरिटीज के पास भेजा जाएगा। यदि वहां से भी जीसीएम की सिफारिशों को मान लिया जाता है तो फिर मेजर जनरल को सेना से बर्खास्त कर दिया जाएगा।
बता दें कि सेना की उच्च अथॉरिटीज के पास जीसीएम के फैसले को बदलने की भी पॉवर है। इसलिए अब इस फैसले में सभी की निगाहें सेना की उच्च अथॉरिटीज के फैसले पर टिक गई हैं। एएनआई की खबर के अनुसार, मेजर जनरल के खिलाफ यौन शोषण का मामला उत्तर पूर्व में साल 2016 में सामने आया था। सेना की ही कैप्टन रैंक की एक महिला अधिकारी ने ही आर्मी जनरल के खिलाफ यौन शोषण के आरोप लगाए थे। आरोपों के बाद यह मामला आगे की कार्रवाई के लिए सेना की पश्चिमी कमांड के पास भेज दिया गया था। आरोपी मेजर जनरल के वकील आनंद कुमार का कहना है कि जीसीएम कोर्ट ने मामले में बचाव पक्ष की तरफ देखा ही नहीं और जल्दबाजी में फैसला सुना दिया गया।
गौरतलब है कि आरोपी मेजर जनरल ने यौन शोषण के इस मामले में ट्रिब्यूनल की कार्रवाई के दस्तावेज मुहैय्या कराने के लिए याचिका भी दाखिल की है। इससे पहले आरोपी मेजर जनरल ने आर्म्ड फोर्सेस ट्रिब्यूनल में एक याचिका दाखिल कर दावा किया था कि उसे सेना में जारी गुटबाजी का निशाना बनाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि आरोपी मेजर जनरल ने हाल के समय में की गई सर्जिकल स्ट्राइक की कार्रवाई में अहम रोल अदा किया था। इससे पहले ऐसे ही एक मामले में साल 2007 में एक मेजर जनरल ने सेना की नौकरी छोड़ दी थी, क्योंकि उसके खिलाफ एक महिला अधिकारी ने छेड़छाड़ का आरोप लगाया था।
