जम्मू एवं कश्मीर सरकार ने मंगलवार को उस बस चालक को 3 लाख रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की, जिसने सोमवार रात आतंकवादी हमले के दौरान अपनी सूझबूझ, साहस और वाहन चलाने की दक्षता से कई लोगों की जान बचाई। पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा कि बस में 61 यात्री सवार थे, जिनमें सभी अमरनाथ तीर्थयात्री थे। बस को गुजरात निवासी शेख सलीम चला रहा था। सलीम पिछले कई वर्षो से अमरनाथ यात्रा के तीर्थयात्रियों को घाटी ला रहा था। जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग पर खानाबल इलाके में आतंकवादियों द्वारा बस पर हमले में सात तीर्थयात्रियों की मौत हो गई, जबकि 32 अन्य घायल हो गए।

वहीं कश्मीर में नागरिक संगठनों ने मंगलवार को राजधानी श्रीनगर में अमरनाथ यात्रियों पर हुए आतंकवादी हमले को लेकर विरोध व्यक्त किया। प्रदर्शनकारियों ने यहां प्रताप पार्क में शाम 5.30 बजे विरोध-प्रदर्शन किया। इस विरोध-प्रदर्शन के आयोजकों ने एक वक्तव्य जारी कर कहा, “आइए, साथ मिलकर स्पष्ट रूप से और दृढ़तापूर्वक मृतकों के प्रति एकजुटता प्रदर्शित करें और इस घटना की तथा जम्मू एवं कश्मीर में हुए सभी अपराधों की विश्वसनीय जांच कराए जाने की मांग करें।”

इस आतंकवादी हमले की कश्मीर में भी चारों ओर से निंदा हो रही है, जिसमें मुख्यधारा और अलगाववादी समूहों के नेताओं से लेकर व्यापारी, अध्यापक, पेशेवर, बुद्धिजीवी और आम जनता भी शामिल है। मंगलवार को विपक्ष ने तीर्थयात्रियों को सुरक्षा प्रदान करने में नाकामी के लिए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार तथा महबूबा मुफ्ती के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की आलोचना की। कांग्रेस ने आतंकवादी हमले को अमानवीय और बर्बर करार देते हुए कहा कि मोदी सरकार तीर्थयात्रियों को सुरक्षा प्रदान करने में असफल रही है। कांग्रेस ने इस घटना में शामिल लोगों के खिलाफ ‘निर्णायक कार्रवाई’ की मांग की है।

कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने संवाददाताओं से कहा, “कांग्रेस पवित्र यात्रा के लिए सभी तीर्थयात्रियों की सुरक्षा की मांग करती है। इस संबंध (आतंकवादी हमला) में सरकार क्या कदम उठा रही है, इस बारे में प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री को बताना चाहिए।” उन्होंने आरोप लगाया कि आतंकवादी हमला सरकार तथा सुरक्षा बलों की तरफ से सुरक्षा में बरती गई गंभीर लापरवाही है।

सुरजेवाला ने कहा, “यह समय है कि सरकार जागे और शब्दों व बैठकों को छोड़कर काम करे तथा आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करे।” उन्होंने कहा कि आतंकवादियों ने कश्मीर की मिली-जुली संस्कृति पर हमला किया है।

उन्होंने कहा, “अमरनाथ तीर्थयात्रियों पर आतंकवादी हमले से राष्ट्र चकित और अत्यधिक दुखी है। मौजूदा सरकार क्या कर रही है, यह एक मूक सवाल है?”

सुरजेवाला ने सवाल करते हुए कहा, “क्या प्रधानमंत्री बयान देंगे और देश को आश्वासन देंगे कि सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा को सुनिश्चित करने के क्या निर्णायक कदम उठाएगी और यह हर कीमत पर सुरक्षित होगी।”

उन्होंने कहा, “अगर 25 जून को ही खुफिया जानकारी मिल गई थी कि अमरनाथ यात्रा पर हमला किया जाएगा, तो इसे रोकने के उपाय क्यों नहीं अपनाए गए? इसे असफल करने के लिए क्या उपाय किए गए थे? क्या हम एक बार फिर बैठकों और पूछताछ में ही इस तरह के एक महत्वपूर्ण मुद्दे को गवां देंगे या फिर निर्णायक कार्रवाई करते हुए दोषियों को सजा दिलाएंगे जिन्होंने देश की सबसे पवित्र धार्मिक यात्रा पर आतंकवादी हमला करने की हिम्मत की है।”