ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) पार्टी के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने इफ्तार पार्टी देने को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा है। उन्होंने राहुल के इस आयोजन को जनेऊधारी इफ्तार करार दिया। उन्होंने इसके साथ ही कहा कि पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को लेकर कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के गढ़ में उसकी तारीफ करना और फिर जनेऊधारी इफ्तार पार्टी में आना ठीक है। मगर उनकी (ओवैसी) पार्टी जब चुनाव लड़ती है, तो उसे सांप्रदायिक बता दिया जाता है।
बुधवार को नई दिल्ली के एक पांच सितारा होटल में कांग्रेस की ओर से इफ्तार रखी गई थी। राहुल गांधी कुछ क्षणों के लिए उसमें टोपी पहने नजर आए थे। कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और प्रतिभा पाटिल के साथ पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी भी पहुंचे थे।
हैदराबाद संसदीय क्षेत्र से सांसद ने इसी को लेकर ट्वीट किया और कहा, “आरएसएस के मुख्यालय पर भाषण देना, उसके संस्थापक की तारीफ करना व फिर जनेऊधारी इफ्तार पार्टी में शरीक होना ठीक है, जबकि अगर मेरी पार्टी चुनाव लड़ती है, तो उसे सांप्रदायिक करार दिया जाता है। वहीं, प्रणब मुखर्जी को न्योता देना और उनके साथ एक ही मेज पर बैठना सामान्य है, स्वीकार्य है और पाखंड की पराकाष्ठा है।”
राहुल गांधी की इस इफ्तार में पूर्व राष्ट्रपतियों और उप-राष्ट्रपति के अलावा कई राजनेता भी पहुंचे थे। मगर जिस तरह से यहां विपक्ष के एकजुट होने के कयास लगाए जा रहे थे, वैसी तस्वीर सामने नहीं आ सकी। हालांकि, इफ्तार के दौरान राहुल को उन्हीं की पार्टी के एक मुस्लिम कार्यकर्ता ने टोपी जरूर पहनाई। लेकिन उन्होंने उसे करीब पांच के अंदर ही उतार दिया था।
याद दिला दें कि बीते साल गुजरात विधानसभा चुनावों के बीच राहुल सोमनाथ मंदिर पहुंचे थे। एंट्री रजिस्टर में उनका नाम गैर-हिंदू के रूप में लिखा मिला था, जिस पर खूब हो-हल्ला हुआ था। बाद में कांग्रेस ने उस पर सफाई दी थी और कहा था कि वह सिर्फ बीजेपी की साजिश थी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने तब कहा था कि राहुल न सिर्फ हिंदू हैं, बल्कि वह जनेऊधारी हिंदू भी हैं। सफाई के दौरान कांग्रेसी नेता ने कुछ सबूत भी पेश किए थे।
