तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता को रविवार (3 दिसंबर) की शाम कार्डिएक अरेस्ट हुआ। सोमवार सुबह खबर आई कि सीएम जयललिता के दिल की सर्जरी की गई है। कार्डिएक अरेस्ट के बाद जयललिता को ईसीएमओ (एक्स्ट्रा कॉरपोरियल मेंब्राना आक्सिजेनेशन) के सहारे रखा गया है। ईसीएमओ लाइफ सपोर्ट सिस्टम की मदद करने वाला एक यंत्र है जिसकी मदद से फेफड़े या दिल के काम न करने की स्थिति में कृत्रिम तौर पर रोगी को ऑक्सीजन दी जाती है। चेन्नई स्थित अपोलो अस्‍पताल के अनुसार कार्डियोलॉजिस्‍ट, पल्‍मोनोलॉजिस्‍ट और क्रिटिकल केयर स्‍पेशलिस्‍ट्स सीएम जयललिता की सेहत पर सतत निगरानी रखे हुए हैं। अस्पताल की बुलेटिन की अनुसार लंदन के डॉक्‍टर रिचर्ड बैली से भी इस बाबत परामर्श लिया गया है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार जब मरीज पर परंपरागत सीपीआर (कार्डियोपलमोनरी रिसस्टिसेशन) काम नहीं करता तो ईसीएमओ का प्रयोग किया जाता है। ईसीएमओ द्वारा मरीज की शिराओं से रक्त लेकर उसे ऑक्सीजेनेटर मशीन से जोड़ जाता है। इस तरह रक्त फेफड़े और हृदय में जाए बिना शरीर तक पहुंच जाता है। किसी व्यक्ति को कई दिनों या हफ्तों तक ईसीएमओ पर रखा जा सकता है।

मशहूर हृदय रोग विशेषज्ञ नरेश त्रेहान ने एनडीटीवी को बताया, “ईसीएमओ का प्रयोग तब किया जाता है जब फेफड़े पूरी तरह काम करना बंद कर देते हैं। जब शरीर प्रतिक्रिया बंद कर देता है तो इसे आखिरी विकल्प के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। अगर मरीज में सुधार की गुंजाइश है तो ईसीएमओ से उसे मदद मिलती है।”

रविवार को जब जयललिता को कार्डिएक अरेस्ट की खबर आई उसके बाद से अस्पताल के बाहर सैकड़ों की संख्या में उनके समर्थक इकट्ठा हो गए हैं। अस्पताल के बाहर भारी संख्या में पुलिसबल तैनात है। दंगा नियंत्रण बल के 900 जवान भी मौके पर तैनात हैं। वहीं सीआरपीएम समेत अन्य अर्ध सैनिक बलों को भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। सीएम की तबीयत खराब होने के बाद राज्य के राज्यपाल सी विद्यासागर राव  अपना मुंबई दौरा तत्काल रद्द करके लौट आए। हालांकि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सोमवार (5 दिसंबर) को कहा कि जयललिता अब खतरे से बाहर हैं।