यूट्यूब चैनल “मोजो” के एक शो में वरिष्ठ पत्रकार बरखा दत्त से ‘राष्ट्रवाद’ पर बात करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) एचएस पनाग ने कहा कि मैं पीएम मोदी का प्रशंसक हूं, लेकिन कई मुद्दों पर उनकी आलोचना करने का अधिकार रखता हूं। अगर वह राष्ट्रवाद पर जो कहते है उसे लागू नहीं कर सकते, तो वह नेहरू से अलग कैसे है?

अपनी किताब के लिए दिये गए इंटर्व्यू के दौरान रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल ने कहा “राष्ट्रवाद हमेशा देश की ताकत को दर्शाता है और सेना देश को ताकतवर बनती है। हर चीज़ में सेना को शामिल कर लिया जाता है। सरकार और सेना के बीच का फर्क भी लोग भूल गए हैं।” लेफ्टिनेंट जनरल ने कहा कि सेना देश का एक अंग है। आज आप अगर देश की रक्षा नीति की आलोचना करेंगे, जो कि हर देशवासी को करनी चाहिए। तो सरकार कहेगी आप सेना की आलोचना कर रहे हैं। यहां राजनीतिक दृष्टिकोण की आलोचना हो रही है। लेकिन ये लोग कहेंगे अरे आपको अपने देश की सेना पर भरोसा नहीं करते।

पनाग ने कहा कि आज जैसे चीन हमारे देश में घुस गया है। ये बात सब को पता है चाहे सरकार माने या ना माने। अब आप जैसे ही यह बोलेंगे चीन देश में घुस गया है और हमें कुछ करना चाहिए। ऐसे में ये बोलेंगे अप सरकार की आलोचना कर रहे हो। पनाग ने कहा कि कोई हमारे देश में घुस आया और आप मनाने को तैयार नहीं हो इससे बड़ा राष्ट्रद्रोह क्या है। जो भी लोग ऐसा कह या मान रहे हैं वे सभी राष्ट्रद्रोही हैं।

जहां तक देश के नेतृत्व की बात है मेरा मानना है कि पीएम मोदी एक ताकतवर पीएम हैं। मैं उनका प्रशंसक हूं, मैं उनकी नीतियों की आलोचना करता हूँ। मोदी राष्ट्रवाद पर अपना कहा ही लागू नहीं कर पाते हैं, ऐसे में वे नेहरू से कैसे अलग हुए।”