भारत और नेपाल के प्रधानमंत्रियों के बीच वार्ता के बाद दोनों देशों ने मादक पदार्थों की तस्करी नियंत्रित करने सहित आठ समझौतों पर हस्ताक्षर किए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा के बीच रणनीति द्विपक्षीय तथा क्षेत्रीय मुद्दों पर विस्तृत चर्चा के बाद इन समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। देउबा के साथ संयुक्त रूप से संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘हमारी साझेदारी के पहलूओं की समीक्षा करते हुए सकारात्मक बैठक हुई।’’ उन्होंने नेपाल के प्रधानमंत्री को आश्वासन दिया कि भारत उनके देश के सर्वांगिण विकास को लेकर प्रतिबद्ध है।
देउबा ने कहा कि नेपाल ‘‘कभी भी अपनी धरती से भारत-विरोधी गतिविधियां नहीं चलने देगा।’’ दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने साथ मिलकर कटईया-कौशा और रक्सौल-परवानीपुर अंतरराष्ट्रीय बिजली आपूर्ति लाइन का उद्घाटन किया। बातचीत के दौरान मोदी ने रक्षा और सुरक्षा को द्विपक्षीय संबंधों का महत्वपूर्ण पहलू बताया। इससे पहले देउबा का राष्ट्रपति भवन में भव्य स्वागत किया गया था। प्रधानमंत्री राजकीय अतिथि के रूप में राष्ट्रपति भवन में ठहरे हैं। प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली विदेश यात्रा पर देउबा कल चार दिनों के लिए नयी दिल्ली पहुंचे थे। बता दें कि जून में पदभार संभालने के बाद यह उनका पहला विदेशी दौरा है।
इस दौरान भारत और नेपाल के बीच गुरुवार को विभिन्न क्षेत्रों में आठ समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। इनमें से चार नेपाल में भूकंप के बाद पुनर्निर्माण से संबंधित हैं। भारत ने नेपाल में अप्रैल 2015 को आए भूकंप के बाद पुनर्निर्माण कार्यो के लिए एक अरब डॉलर देने की प्रतिबद्धता जताई थी। नेपाल में 50,000 घरों के पुनर्निर्माण में मदद के लिए आवास अनुदान, शिक्षा, सांस्कृतिक विरासत और स्वास्थ्य क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच चार समझौता ज्ञापन (एमओयू) हुए।
एक अन्य एमओयू भारत के अनुदान से एशियाई विकास बैंक के दक्षिण एशिया उपक्षेत्रीय आर्थिक सहयोग (एसएएसईसी) सड़क संपर्क कार्यक्रम के तहत मेची पुल के निर्माण के लिए लागत साझा करने और सुरक्षा मुद्दों के क्रियान्वयन को लेकर हुआ। छठा एमओयू नशाखोरी रोकथाम के तहत नार्कोटिक्स ड्रग्स, साइकोट्रॉपिक पदार्थो व अन्य रासायनिक पदार्थो की तस्करी रोकने को लेकर हुए। सातवां एमओयू इंस्टीटयूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया और इंस्टीटयूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ नेपाल के बीच सहयोग को लेकर हुआ। दोनों पक्षों के बीच मानकीकरण आकलन के क्षेत्र में सहयोग को लेकर भी समझौता हुआ।

