उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिले की डीएम मेधा रूपम ने वोटर लिस्ट के Special Intensive Revision (एसआईआर) में लापरवाही और नियमों का पालन न करने के मामले में सख्त कार्रवाई की है। डीएम ने 60 बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) और सात सुपरवाइजरों के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया था।

अफसरों ने बताया कि डीएम की ओर से शनिवार को जारी किए गए आदेश के बाद Representation of the People Act, 1950 की धारा 32 के तहत ये FIR दर्ज की गई हैं।

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चार नवंबर को शुरू हुआ था एसआईआर का काम

गौतमबुद्धनगर जिले में एसआईआर का काम चार नवंबर को शुरू हुआ था और यह चार दिसंबर तक जारी रहेगा। दादरी विधानसभा क्षेत्र (62-दादरी) के निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) और उपजिलाधिकारी (सदर) आशुतोष गुप्ता ने 32 बीएलओ और एक सुपरवाइजर के खिलाफ इकोटेक-वन थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।

आशुतोष गुप्ता ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘निर्वाचन क्षेत्र 62-दादरी में एसआईआर कार्यक्रम के दौरान लापरवाही, उदासीनता और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना करने के लिए एफआईआर दर्ज की गई है।’’

इसी प्रकार, नोएडा विधानसभा (61-नोएडा) के ईआरओ ने एसआईआर प्रक्रिया के दौरान कर्तव्यहीनता और निर्देशों का पालन न करने के आरोप में 11 बीएलओ और छह सुपरवाइजरों के खिलाफ दादरी थाने में एफआईआर दर्ज कराई।

एक अफसर ने बताया कि जेवर में निर्वाचन क्षेत्र संख्या 63 के ईआरओ ने ऐसे 17 बीएलओ के खिलाफ मामला दर्ज कराय है, जिन्होंने एसआईआर को लेकर अपना काम नहीं किया और अफसरों की ओर से जारी निर्देशों की अनदेखी की।

बहराइच में पांच बीएलओ पर मुकदमा दर्ज

बहराइच में भी जिला प्रशासन ने एसआईआर के काम में लापरवाही बरतने के आरोप में कई बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) और कुछ अन्य कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। पयागपुर की उप जिलाधिकारी (एसडीएम) अश्विनी पांडे ने बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देश पर पूरे राज्य में एसआईआर का काम चल रहा है और जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने अधिकारियों और कर्मचारियों को कोई ढिलाई न बरतने का निर्देश दिया है।

पांडे ने कहा कि पयागपुर तहसील में एसआईआर की कार्रवाई की समीक्षा के दौरान लापरवाही के कई मामले सामने आए। जांच में पाया गया कि कई बीएलओ और सुपरवाइजर तय नियमों का पालन नहीं कर रहे थे और मनमाने तरीके से काम कर रहे थे। उन्होंने बताया कि इसे गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने कैसरगंज और विशेश्वरगंज में दो-दो और हुजूरपुर में एक बीएलओ के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की सुसंगत धारा में मुकदमा दर्ज कराया है। इनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं।

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‘कारण बताओ’ नोटिस जारी, वेतन रोका

पांडे के मुताबिक पयागपुर में मतदान केंद्रों पर सुपरवाइजर तैनात किए गए थे। समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि उनमें से कुछ राजस्व निरीक्षकों, लेखपालों और सहायक अध्यापकों समेत 42 कर्मचारी ठीक से काम नहीं कर रहे हैं, जिससे काम पर असर पड़ रहा है। इन सभी को ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी किया गया है और उनका वेतन भी रोक दिया गया है।

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