Mokshada Ekadashi Bhog 2025: इस साल मोक्षदा एकादशी का व्रत 1 दिसंबर 2025 को रखा जाएगा। सनातन धर्म में हर एकादशी का अपना अलग ही महत्व होता है। मोक्षदा एकादशी हर साल मार्गशीर्ष मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से सुख- समृद्धि की प्राप्ति होती है। इस खास अवसर पर आप भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को उनके प्रिय भोग बनाकर अर्पित कर सकते हैं।
मान्यता है कि विधिवत तरीके से व्रत रखने से हर एक दुख-दर्द दूर हो जाता है। माना जाता है कि इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र में अर्जुन को श्रीमद्भगवद्गीता का उपदेश दिया था। आइए जानें क्या-क्या भोग आप भगवान को लगा सकते हैं। भगवान विष्णु की प्रिय तुलसी के पत्ते जो भी भोग बनाकर लगाएं उसमें रखना न भूलें।
मोक्षदा एकादशी के लिए भोग
पंचामृत – भगवान विष्णु के प्रिय भोग में सबसे पहला नाम आता है पंचामृत का। मोक्षदा एकादशी के दिन आप घर में दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से इसे आसानी से बना सकती हैं।
पंजीरी – जब भी सत्य नारायण कथा होती है तो पंजीरी का भोग जरूर बनाया जाता है। भगवान विष्णु को यह बेहद प्रिय है। आटे के अलावा आप इसे धनिया से भी तैयार कर सकते हैं।
मिश्री, दही, और मक्खन का भोग – अगर आपके पास ज्यादा समय नहीं है लेकिन आप भगवान विष्णु को भोग लगाना चाहते हैं तो मिश्री, दही, और मक्खन का भोग लगा सकते हैं। इन्हें अर्पित करना बेहद शुभ माना जाता है।
पीले रंग की मिठाई – मोक्षदा एकादशी पर आप भोग में पीले रंग की मिठाई बनाकर चढ़ा सकते हैं। धार्मिक दृष्टि से ऐसा करना बेहद शुभ माना जाता है। भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को आप पीली मिठाई अर्पित कर सकते हैं।
साबूदाना या मखाने की खीर – भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को मोक्षदा एकादशी पर आप साबूदाना या मखाने की खीर बनाकर भोग लगा सकते हैं। इसके अलावा आप केले, अनार, सिंघाड़ा, सेब और गन्ना आदि फल भगवान विष्णु को अर्पित कर सकते हैं।
डिसक्लेमर- इस लेख को विभिन्न माध्यमों जैसे ज्योतिषियों, मान्यताओं या फिर धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है। इसके सही और सिद्ध होने की प्रामाणिकता नहीं दे सकते हैं। इसके किसी भी तरह के उपयोग करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।
