भारत में अपराजिता को विष्णुकांता, गोकर्ण, शंखपुष्पी और बटरफ्लाई पी के नाम से जाना जाता है। यह एक खूबसूरत बेलदार पौधा है, जिसे घर, बालकनी या टेरेस में आसानी से लगाया जा सकता है। इसके नीले और सफेद फूल घर की शोभा बढ़ाते हैं।
अपराजिता एक औषधीय पौधा भी माना जाता है। आयुर्वेद में इसके फूल, पत्ते और जड़ का उपयोग कई तरह की दवाइयों में किया जाता है। इसके नीले फूलों से बनी चाय एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है, जो तनाव कम करने में मदद करती है। ऐसे में आप अपराजिता के पौधे को घर पर गमले में आसानी से लगा सकते हैं।
गमले में अपराजिता का पौधा कैसे लगाएं?
आप गमले में अपराजिता के पौधे को आसानी से लगा सकते हैं। अगर आप कटिंग से इसे लगा रहे हैं, तो लगभग 6-8 इंच लंबी पतली शाखा लें। इसे पानी में डुबोकर रख दें या सीधे गमले में रोप सकते हैं।
मिट्टी तैयार करें
अपराजिता के पौधे के लिए उपजाऊ मिट्टी काफी बेहतर होती है। आप मिट्टी में रेत और कंपोस्ट की बराबर मात्रा मिलाकर इसे तैयार कर सकते हैं। इसकी मिट्टी में वर्मी कम्पोस्ट या गोबर की खाद भी डाल सकते हैं। इससे पौधे की ग्रोथ बेहतर होती है।
अपराजिता के पौधे की केयर करें
अपराजिता के पौधे को अधिक धूप पसंद होती है। ऐसे में आप गमले को बालकनी या छत पर रख सकते हैं। सर्दी के मौसम में इसमें कम पानी डालें। यह पौधा बेल की तरह फैलता है, इसलिए सहारा देने के लिए जाली का उपयोग कर सकते हैं।
