Teacher’s Day 2021: हर व्यक्ति के जीवन में कामयाबी का सबसे बड़ा श्रेय उसके शिक्षक का होता है। अध्यापक का योगदान सिर्फ लोगों को शिक्षित करने में ही नहीं होता है, बल्कि ये जिंदगी को एक दिशा भी प्रदान करते हैं। देश में गुरुओं को माता-पिता तुल्य स्थान दिया जाता है। भारत में प्राचीन काल से ही गुरुकुल परंपरा रही है, शिक्षकों का आभार व्यक्त करने के लिए हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। जानें इसके पीछे की वजह, इतिहास और महत्व –
इसी दिन क्यों मनाते हैं शिक्षक दिवस: 5 सितंबर को देश के पहले उप-राष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिवस होता है। उन्होंने 40 सालों तक शिक्षक के रूप में कार्य किया है। एक बार जब उनके जन्मदिवस पर उनके सहयोगियों और शिष्यों ने पूछा कि वो किस तरह इस दिन को मनाना चाहेंगे।
तब उन्होंने इच्छा जाहिर की कि “मेरे जन्मदिन को मनाने की जगह यदि इस दिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाए, तो मुझे ज्यादा खुशी होगी।” इसके बाद से राधाकृष्णन का जन्मदिन शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। सबसे पहले साल 1962 में पहली बार 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया गया था। इस साल देश में 59वां शिक्षक दिवस मनाया जाएगा।
शिक्षक दिवस का महत्व: हर किसी के जीवन को संवारने में शिक्षक की भूमिका अहम होती है। शिक्षक छात्र को सही भविष्य और सही रास्ते पर चलना सिखाता है, अच्छे और बुरे में भेद करना सिखाते हैं। जीवन में शिक्षक पढ़ाने के साथ ही, वो अपने अनुभवों को साझाकर हमें चुनौतियों से लड़ने के काबिल भी बनाते हैं। वो छात्रों के व्यक्तित्व के विकास और बौद्धिक विकास में मदद करते हैं।
कैसे मनाया जाता है शिक्षक दिवस: जिस तरह देश का भविष्य बच्चों के हाथों में होता है, ठीक वैसे ही बच्चों का भविष्य उनके शिक्षकों के हाथों में होता है। शिक्षक दिवस एक ऐसा आयोजन है, जिसके लिए छात्र और शिक्षक समान रूप से तत्पर रहते हैं। यह दिन छात्रों के लिए महत्वपूर्ण होता है, इस दिन वो अपने पसंदीदा शिक्षकों की भूमिका अदा करते हैं। वाद-विवाद और भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन होता है। साथ ही, रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किये जाते हैं।
