Coronavirus Cure In Yoga: भारत में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या क्रमशः बढ़ती जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन के मुताबिक अब तक 28 मामले सामने आए हैं। दिल्ली एनसीआर में भी कोरोना वायरस के मरीज की पुष्टि हुई है। इस मामले को लेकर केंद्र सरकार का कहना है कि इससे निपटने के लिए सभी संभव प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा है कि कोरोना वाइरस को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। वहीं जानकारों का मानना है कि बच्चों और बुजुर्गों सहित उन लोगों को इस वायरस से अधिक खतरा है, जिनकी इम्यूनिटी कमजोर है।

इसके अलावा योग गुरु बाबा रामदेव ने भी कोरोना वायरस से बचाव के लिए कुछ प्राणायाम बताए हैं। जिसे घर और दफ्तर में भी कर सकते हैं। बाबा रामदेव के मुताबिक भस्त्रिका प्राणायाम, कपालभाति और अनुलोम-विलोम करने से इम्यूनिटी बढ़ती है। इन प्राणायामों को अपनाकर कोरोना वायरस से बच सकते हैं। आइये जानते हैं इस प्राणायाम के बारे में…

भस्त्रिका प्राणायाम

-इसे सामान्य गति से सांस लेकर कर सकते हैं, या तेजी से सांस लेकर भी किया जा सकता है।

-भस्त्रिका प्राणायाम को करने के लिए कमर, गर्दन और रीढ़ की हड्डी को एक सीध में रखते हुए बैठ जाएं।

-आँखों को बंद रखते हुए तेज गति से सांस लें और उसी गति से छोड़ें।

-सांस लेते समय पेट फुलना चाहिए और छोड़ते हुए पेट अंदर की ओर होना चाहिए।

कपालभाति

-इस करने के लिए सबसे पहले रीढ़ की हड्डी को सीधा रखते हुआ बैठ जाना चाहिए। हथेलियों को घुटने पर रखें। इसके बाद लंबी और गहरी सांस अंदर लें।

-सांस छोड़ते हुए पेट को अंदर की ओर खींचे। जितना संभव हो सके उतना ही करें।

अनुलोम विलोम

-अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा और कंधों को ढीला छोडकर आराम से बैठ जाएं। चेहरे पर मुस्कान रखें।

-बाएं हाथ को बाएं घुटने पर रखें, हथेली आकाश की ओर खुली या चिन मुद्रा में। (अंगूठा और तर्जनी हल्के छूते हूए)

-तर्जनी और मध्यमा को दोनों भौहों के बीच में, अनामिका और छोटी उंगली को नाक के बाएं नासिका पर, और अंगूठे को दाहिनी नासिका पर रखे। बाएं नासिका को खोलने और बंद करने के लिए हम अनामिका और छोटी उंगलीका और दाएं नासिका के लिए अंगूठे का उपयोग करें।

-अंगूठे को दाएं नासिका पर धीरे से दबा कर बाएं नासिका से सांस बाहर निकालें।

-अब बाएं नासिका से सांस लें और उसके बाद दाएं नासिका को अनामिका और छोटी उंगली के साथ धीरे से दबाएं।

-दाहिने अंगूठे को दाएं नासिका से खोलकर दाएं नासिका से सांस बहार निकालें।