IAS Success Tips: छत्तीसगढ़ की IAS ऑफिसर प्रियंका शुक्ला अपने बेहतरीन काम के चलते लोगों के बीच लोकप्रिय हैं। फील्ड पर उनके जुझारूपन व जिस तरह वो लोगों के बीच कोरोना वायरस को लेकर जागरुकता फैला रही हैं, ट्विटर पर हर कोई उनकी सराहना कर रहा है। बता दें कि प्रियंका ने लखनऊ के प्रतिष्ठित कॉलेज केजीएमयू से एमबीबीएस किया हुआ है। प्रैक्टिस के दौरान एक बार जब वो झुग्गी-झोपड़ियों में चेकअप करने पहुंचीं। वहां एक महिला बच्चे को गंदा पानी पिला रही थी, टोकने पर महिला ने प्रियंका को ताना मारते हुए कहा कि ‘तुम कहीं की कलेक्टर हो क्या’। इस वाकये के बाद ही प्रियंका ने ठान लिया कि उन्हें IAS बनना है। साल 2009 में अपने दूसरे प्रयास में ही वो UPSC परीक्षा पास करने में सफल भी हुईं। आइए जानते हैं प्रियंका के 5 महत्वपूर्ण सफलता मंत्र-

समय से ज्यादा स्ट्रैटजी पर दें ध्यान: एक इंटरव्यू में प्रियंका ने बताया कि वो इस बात को नहीं मानती कि ज्यादा समय किताबों से घिरे रहने से एग्जाम क्लियर करने का अधिक चांस होता है। बता दें कि प्रियंका मेडिकल प्रैक्टिस और परीक्षा की तैयारी एक साथ कर रही थीं। मूल रूप से हरिद्वार निवासी प्रियंका ने बताया कि तैयारी के दौरान उन्होंने अपने समय को सही तरीके से उपयोग करने के लिए स्ट्रैटजी बना ली थी। अपने डेली कंटेंट को ठीक से समझने के बाद 2 से 3 घंटे उस टॉपिक के लिए निर्धारित करती थीं।

अपनों का साथ जरूरी: प्रियंका बताती हैं कि तैयारी के समय ऐसा पल भी आता है जब लोगों का खुद पर से भरोसा डगमगा जाता है, ऐसे में अपने परिवार के लोग व करीबियों से बात करना चाहिए। वो कहती हैं कि परीक्षा की तैयारी के वक्त कुछ समय अपनों से बात करने पर सकारात्मकता आती है और खुद पर भरोसा दोगुना हो जाता है।

विफलता को चुनौती के रूप में स्वीकारें: IAS प्रियंका बताती हैं कि वो अपनी जिंदगी में कभी दूसरे स्थान पर नहीं आयीं, ऐसे में जब महज 7 नंबर से उनका इंटरव्यू कॉल छूट गया तो उन्होंने इस फेलियर को चैलेंज के तौर पर लिया। और अगली बार पहले से भी अधिक मेहनत करके सफलता पाई। वो कहती हैं आईएएस बनने की चाहत रखने वाले हर उम्मीदवार में असफलताओं को सहर्ष स्वीकारने की क्षमता होनी चाहिए और उसके बाद ही कोई भी अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकता है।

हॉबी होना जरूरी: प्रियंका कहती हैं कि स्टडी सत्र के बीच में खुद को फ्रेश रखने के लिए अपनी हॉबीज को फॉलो करना चाहिए। उनके अनुसार अगर आपने लक्ष्य निर्धारित कर लिया है तो आप हमेशा रास्ते में आने वाली मुसीबतों का सॉल्यूशन ढूंढ़ ही लेंगे।

शॉर्टकट न अपनाएं: IAS अफसर प्रियंका शुक्ला के अनुसार सिविल सर्विसेज की परीक्षाओं को क्लियर करने के लिए कोई आसान तरीका नहीं होता है। उन्होंने कहा कि साल 2008 में जब उन्होंने दोबारा एग्जाम दिया तो रिजल्ट के लिए उन्हें 1 साल तक इंतजार करना पड़ा। इससे उन्हें अहसास हुआ कि इस जर्नी में धैर्य रखना बहुत जरूरी है। वो कहती हैं कि हमेशा याद रखें कि सफलता के लिए कोई शॉर्टकट नहीं है।