दिल्ली की एक अदालत ने एक व्यक्ति को 11 वर्षीय बेटी के साथ बार-बार बलात्कार करने के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने कहा कि दोषी ने इस सबसे पवित्र रिश्ते को कलंकित किया है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित सहरावत ने इस मामले में सजा सुनाई। आरोपी 37 वर्षीय शख्स को POCSO की धारा छह के तहत दोषी ठहराया गया था।
विशेष लोक अभियोजक (एसपीपी) आदित्य कुमार ने दलील दी कि दोषी किसी भी प्रकार की नरमी का हकदार नहीं है क्योंकि उसने समाज की अंतरात्मा को झकझोर दिया है।
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अदालत ने नौ जनवरी को दिये आदेश में कहा, ‘‘एसपीपी ने सही कहा है कि दोषी ने इस सबसे पवित्र रिश्ते को अपने कृत्य से शर्मसार किया है। यह (अपराध) इस तथ्य से और भी गंभीर हो जाता है कि उसने पीड़िता का बार-बार बलात्कार किया।’’
अदालत ने कहा कि दोषी के साथ कठोरता बरतनी जरूरी है क्योंकि वह पीड़ित का पिता है। इसके बाद अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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मुआवजा देने का आदेश
मुआवजे के संबंध में अदालत ने पीड़िता के इस बयान पर ध्यान दिया कि वह अभी भी मानसिक आघात से गुजर रही है। अदालत ने पीड़िता को 10.5 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया।
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