केरल हाई कोर्ट ने 16 वर्षीय एक छात्रा को दूसरा मौका दिया है, जो बिजली कटने की वजह से स्कूल प्रतियोगिता में अपना नृत्य ठीक से प्रस्तुत नहीं कर पाई थी। हाई कोर्ट ने छात्रा को दोबारा उसी कार्यक्रम में हिस्सा लेने की अनुमति दे दी है।
मामला उस समय का है, जब पावर कट की वजह से छात्रा का कुचिपुड़ी नृत्य प्रदर्शन प्रभावित हो गया था। इस मामले की सुनवाई जस्टिस बेचू कुरियन थॉमस कर रहे थे। छात्रा ने खुद हाई कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि शिक्षा विभाग ने निष्पक्ष तरीके से प्रतियोगिता का फैसला नहीं लिया और उसे 14 जनवरी को होने वाले कार्यक्रम में हिस्सा लेने से रोक दिया गया।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि यह स्पष्ट हो चुका है कि जिस समय छात्रा मंच पर प्रदर्शन कर रही थी, उस दौरान पावर फेलियर हुआ था। उस समय न तो संगीत चल रहा था और न ही लाइट थी। इसके बावजूद छात्रा ने लगातार नृत्य जारी रखा, लेकिन फिर भी उसे दूसरा मौका नहीं दिया गया।
कोर्ट ने यह भी माना कि परफॉर्मेंस के बीच अचानक लाइट चले जाने से छात्रा का आत्मविश्वास प्रभावित हो सकता है। पीड़ित छात्रा ने पिछले साल तिरुवनंतपुरम जिला स्कूल के एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया था, जहां उसे पांचवां स्थान दिया गया था। छात्रा की दलील थी कि स्टेज पर परफॉर्म करते समय पावर कट होने से उसके प्रदर्शन पर सीधा असर पड़ा।
जब इस बात की शिकायत शिक्षा विभाग से की गई, तो छात्रा को दोबारा मौका नहीं दिया गया। विभाग का तर्क था कि सिर्फ 32 सेकंड के लिए बिजली गई थी, जिससे प्रदर्शन पर कोई खास असर नहीं पड़ा। शिक्षा विभाग ने यह भी कहा कि सभी तथ्यों की ठीक से जांच की गई, स्टेट मैनेजर की रिपोर्ट, वीडियो फुटेज और इवैल्यूएशन शीट के आधार पर ही फैसला लिया गया।
हालांकि, हाई कोर्ट ने शिक्षा विभाग की दलीलों को खारिज करते हुए छात्रा के पक्ष में फैसला सुनाया। कोर्ट के आदेश के बाद अब छात्रा स्टेट स्कूल कला उत्सव (State School Kalotsavam) में हिस्सा ले सकेगी।
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