इंग्लैंड ने प्री क्वार्टर फाइनल में पेनल्टी शूटआउट की मदद से कोलंबिया को हरा अंतिम-8 में स्थान पक्का किया। ये वही इंग्लिश टीम थी, जो यूरो-96 में जर्मनी के हाथों पेनल्टी मुकाबले में मैच को गंवा बैठी थी। अबकी बार इंग्लैंड इस तरह की गलती नहीं दोहराना चाहती थी। उन्होंने महिला साइकॉलजिस्ट पीपा ग्रैंज को अपने साथ नवंबर-2017 को जोड़ा। पीपा को हेड ऑफ पीपल एंड टीम डेवलेपमेंट नियुक्त किया गया और यहां से आ गया ‘थ्री लॉयंस’ की इस टीम में बदलाव। 47 साल की पीपा ने टीम में नई ऊर्जा भरी।
इंग्लैंड ने स्पार्टक स्टेडियम में खेले गए प्री-क्वार्टर फाइनल के आखिरी मैच में कोलंबिया को पेनाल्टी शूटआउट में 4-3 से मात देकर फीफा विश्व कप के 21वें संस्करण के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी। क्वार्टर फाइनल में उसका सामना स्वीडन से होगा जिसने मंगलवार को ही स्विट्जरलैंड को 1-0 से मात देकर 1994 के बाद पहली बार अंतिम-8 में कदम रखा।
इंग्लैंड के कप्तान हैरी कैन ने 58वें मिनट में पेनाल्टी पर ही गोल कर इंग्लैंड को 1-0 से आगे कर दिया था। लग रहा था कि इंग्लैंड इसी स्कोर से जीत जाएगी, लेकिन 93वें मिनट में येरी मीना ने गोल कर कोलंबिया को बराबरी दिला दी। यहां से मैच अतिरिक्त समय में गया और 30 मिनट के अतिरिक्त समय में दोनों टीमें गोल नहीं कर पाईं। नतीजन मैच पेनाल्टी शूट आउट में गया जहां इंग्लैंड ने बाजी मारते हुए क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। इंजुरी टाइम में कोलंबिया को कॉर्नर मिला और येरी मीना ने हेडर के जरिए गेंद को नेट में डाल मैच का स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया।
यहां से मैच अतिरिक्त समय में और वहां से पेनाल्टी शूटआउट में गया और इंग्लैंड पहली बार विश्व कप में पेनाल्टी शूट आउट में जीतने में सफल रहा। इससे पहले वो तीन बार पेनाल्टी शूटआउट में विश्व कप में मैच गंवा चुकी थी।



