ऑस्ट्रेलिया की महिला क्रिकेट लीग वुमन्स बिग बैश लीग (WBBL) में शुक्रवार 28 नवंबर 2025 को एक ऐसा हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जिसने क्रिकेट प्रेमियों को हैरान और गुस्से से भर दिया। एडिलेड में खेला गया मुकाबला सिडनी थंडर और एडिलेड स्ट्राइकर्स के बीच था, लेकिन मैच का अंत खेल से ज्यादा विवादों के नाम रहा।
बारिश के कारण इस मुकाबले को पहले पांच-पांच ओवर तक सीमित कर दिया गया था। खेल शुरू होने पर सिडनी थंडर ने टॉस जीतकर फील्डिंग करने का फैसला किया। एडिलेड स्ट्राइकर्स ने लॉरा वोलवार्ट (22 रन, 13 गेंद, 2 चौके और एक छक्का) और कप्तान ताहलिया मैक्ग्रा (नाबाद 12 रन, 6 गेंद, 2 चौके) की तूफानी पारियों की मदद से पांच ओवर में 2 विकेट पर 45 रन का स्कोर खड़ा किया।
इस तरह सिडनी थंडर को जीत के लिए 46 रन का लक्ष्य मिला। लक्ष्य का पीछा करने उतरी सिडनी थंडर की फीबी लिचफील्ड (नाबाद 38 रन, 15 गेंद, 8 चौके) ने ऐसा तूफान मचाया का टीम का स्कोर 2.5 ओवर में बिना विकेट खोए 43 रन हो गया। फीबी लिचफील्ड ने एक ही ओवर में 5 चौके जड़कर मैच को लगभग सिडनी थंडर की मुट्ठी में ला दिया था।
सिडनी थंडर के लिए जीत बस एक शॉट दूर थी। उसे 13 गेंदों में सिर्फ तीन रन चाहिए थे और सभी 10 विकेट सुरक्षित थे। यह एक ऐसा चेज था, जिसे वह पूरा करने के बिल्कुल करीब था, लेकिन खराब गेम मैनेजमेंट के कारण वह ऐसा नहीं कर पाए। अचानक अंपायरों ने बारिश का हवाला देते हुए खेल रोक दिया और कुछ देर बाद मुकाबले को बेनतीजा घोषित कर दिया।
मैच में कमेंट्री कर रहे कमेंटेटर ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर कॉलम फर्ग्युसन ने तो यहां तक डाला कि बारिश की एक बूंद भी नहीं गिरी। अंपायरों ने सिडनी थंडर को जीतने नहीं दिया। कॉलन फर्ग्युसन ने अंपायरों के फैसले को सीधे-सीधे ‘शर्मनाक’ बता दिया।
उन्होंने गुस्से में कहा, ‘यहां जो हुआ, वह बहुत शर्मनाक है। इस समय बारिश की एक बूंद भी नहीं गिर रही है और वह मैच लगभग तय होने ही वाला था। नतीजा पूरी तरह साफ था और सिडनी थंडर से जीत छीन ली गई…। मुझे लगता है कि इसे कहने का यही सबसे आसान तरीका है।’
जाहिर है, किसी ने भी मैच के ऐसे निराशाजनक अंत की कल्पना नहीं की थी। खासकर यह देखते हुए कि ज्यादातर समय बैकग्राउंड में हल्की बूंदाबांदी हो रही थी। एक अन्य कमेंटेटर केटी मार्टिन ने कहा, ‘यह शर्म की बात है। आज रात जो हमने देखा है वे उससे कहीं बेहतर कर सकते थे।’
एलिस्टर निकोलसन ने कहा, ‘यह बहुत शर्म की बात है।’ कमेंटेटर्स ने यह भी कहा कि खेल के दूसरे पलों की तुलना में बूंदाबांदी कम थी। जब ज्यादा बारिश हो रही थी तब अंपायरों ने खेल जारी रखने का फैसला किया। कमेंटेटर ने कहा, ‘मैच के दौरान इससे पहले कहीं ज्यादा बारिश में भी खेल जारी रखा गया था, लेकिन जब थंडर जीत की दहलीज़ पर थी, तभी खेल रोक दिया गया।’
अंपायरों के इस फैसले से कई सवाल पैदा हो रहे हैं। जैसे जब पहले ज्यादा बारिश में खेल हो सकता है तो अंत में क्यों नहीं? क्या अंपायरों की यह जल्दबाजी एक संभावित जीत को नाकाम करने वाला फैसला नहीं थी? क्या अब इस मैच का कोई पुनर्निर्णय होगा? इस पूरे घटनाक्रम ने फिर साबित कर दिया कि कभी-कभी क्रिकेट में हार-जीत का फैसला खिलाड़ियों के बल्ले से नहीं, बल्कि अंपायरों के इशारों से तय हो जाता है। IND vs SA: रोहित-विराट पर होगी नजर, भारत-साउथ अफ्रीका वनडे सीरीज का आगाज; जानें टाइमिंग, स्क्वाड, मौसम समेत सब कुछ
