कहते हैं कि बड़े फाइनल में बोर्ड पर बने रन अक्सर निर्णायक होते हैं। यह बात फिर सच साबित हुई। विदर्भ ने 18 जनवरी 2026 की रात बेंगलुरु के बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ग्राउंड 1 पर सौराष्ट्र को 38 रन से हराकर विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 का फाइनल जीत लिया।
Vijay Hazare Trophy, 2025/26
Vidarbha
317/8 (50.0)
Saurashtra
279 (48.5)
Match Ended ( Day – Final )
Vidarbha beat Saurashtra by 38 runs
मतलब विदर्भ चैंपियन बन गया। विदर्भ की यह पहली विजय हजारे ट्रॉफी है। भारत के घरेलू व्हाइट-बॉल कॉम्पिटिशन में यह विदर्भ का पहला टाइटल है। विदर्भ रेड-बॉल क्रिकेट में लंबे समय से एक मजबूत टीम है, लेकिन अब तक व्हाइट-बॉल ट्रॉफी उनसे दूर थी, लेकिन अब नहीं।
पिछले सीजन जब वह फाइनल में कर्नाटक से हार गया था तो उनके खिलाड़ियों के दिल टूटे थे, लेकिन इस बार उसने इतिहास को दोहराने नहीं दिया। इस बार, विदर्भ की टीम ने मौके का फायदा उठाया और उसे कोई रोक नहीं पाया।
रंग लाई वर्षों की कड़ी मेहनत
चैंपियन बनने के बाद विदर्भ की टीम ने जिस तरह का जश्न मनाया वह बताता है कि यह जीत खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के लिए कितनी मायने रखती है। वर्षों की कड़ी मेहनत, करीबी हार और अटूट विश्वास आखिरकार रंग लाया।
अथर्व तायडे का शानदार शतक
विदर्भ को पहले बल्लेबाजी करने के लिए कहा गया। अथर्व तायडे (128 रन, 118 गेंद, 15 चौके, तीन छक्के) के शानदार शतक और यश राठौड़ (54 रन, 61 गेंद, दो चौके, दो छक्के) के साथ उनकी 133 रन की साझेदारी की मदद से विदर्भ ने 50 ओवर में 8 विकेट पर 317 रन का स्कोर बनाया।

यश-नचिकेत ने ओपनर्स को भेजा पवेलियन
गेंदबाजी में भी विदर्भ ने शुरुआत में ही कामयाबी हासिल की। यश ठाकुर (9.5 ओवर, 50 रन, 4 विकेट) और नचिकेत भुटे (9 ओवर, 46 रन, 3 विकेट) ने नई गेंद से जल्दी ही ओपनर्स को आउट कर दिया। इसके बाद प्रेरक मांकड़ ने एक छोर संभाले रखा, लेकिन दूसरे छोर से विकेट गिरते रहे।
हर्ष दुबे ने तोड़ी प्रेरक-चिराग की साझेदारी
फिर चिराग जानी उनके साथ आए और चेज में कुछ तेजी लाई। जब तक दोनों की साझेदारी चली, सौराष्ट्र को उम्मीद थी। हालांकि, टर्निंग पॉइंट तब आया जब कप्तान हर्ष दुबे ने प्रेरक मांकड़ (88 रन, 92 गेंद, 10 चौके) को एलबीडब्ल्यू करके इस साझेदारी को तोड़ा।
चिराग जानी का संघर्ष बेकार
चिराग जानी (64 रन, 63 गेंद, 3 चौके, 2 छक्के) ने संघर्ष जारी रखा, लेकिन उनकी भी हिम्मत जवाब दे गई। वह 45वें ओवर में आउट हो गए। इसके बाद औपचारिकता रह गई। चिराग जब आउट हुए तब स्कोर 44.2 ओवर में 250 रन था और 48.5 ओवर में 279 रन पर टीम ऑलआउट हो गई।
विदर्भ की जीत सामूहिक गेंदबाजी का भी एक प्रयास थी। तीनों तेज गेंदबाजों यश ठाकुर, नचिकेत भुटे और दर्शन नालकंडे (10 ओवर, 52 रन, दो विकेट) ने मिलकर नौ विकेट लिए, जिससे विदर्भ ने शानदार अंदाज में ऐतिहासिक जीत हासिल की।
अथर्व तायडे प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए। विदर्भ के ही अमन मोखाड़े प्लेयर ऑफ द सीरीज चुने गए। अमन मोखाड़े विजय हजारे ट्रॉफी के एक सत्र में 800 से ज्यादा रन बनाने वाले तीसरे बल्लेबाज बन गए हैं। उनसे पहले पृथ्वी शॉ और नारायण जगदीशन यह उपलब्धि अपने नाम कर चुके हैं।
